पांपोर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय थांग-ता चैंपियनशिप में लहराया परचम, दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल पर किया कब्जा


कश्मीर के नौजवान खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी मेहनत, लगन और खेल प्रतिभा का शानदार मुजाहिरा पेश करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर इलाके का नाम रोशन किया है। पांपोर थांग-ता क्लब के खिलाड़ियों ने 32वीं जूनियर नेशनल थांग-ता चैंपियनशिप 2026 में तीन मेडल जीतकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। इस कामयाबी से न सिर्फ पांपोर, बल्कि पूरे कश्मीर में खेल प्रेमियों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है।

28 से 30 सितंबर 2026 तक श्रीनगर के पोलो ग्राउंड स्थित मल्टीपर्पज इंडोर हॉल में आयोजित 32वीं जूनियर नेशनल थांग-ता चैंपियनशिप में देश के विभिन्न हिस्सों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पांपोर थांग-ता क्लब के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन मेडल अपने नाम किए। इनमें दो गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल शामिल हैं।

प्रतियोगिता के दौरान मोहम्मद शहज़ैब मीर और अरीबा रशीद ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किए, जबकि सानिका फ़याज़ ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर सिल्वर मेडल जीतकर क्लब की कामयाबी में अहम योगदान दिया। इन खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को कश्मीर के उभरते हुए मार्शल आर्ट खिलाड़ियों के लिए एक हौसला-अफ़ज़ाई के तौर पर देखा जा रहा है।

थांग-ता मणिपुर की पारंपरिक मार्शल आर्ट विधा है, जिसमें शारीरिक ताकत के साथ-साथ फुर्ती, संतुलन, अनुशासन और आत्मरक्षा की कला को खास अहमियत दी जाती है। इस खेल में कामयाबी हासिल करने के लिए खिलाड़ियों को लगातार अभ्यास, एकाग्रता और सख्त मेहनत की जरूरत होती है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मेडल हासिल करना खिलाड़ियों की तैयारी और उनकी खेल प्रतिभा को दर्शाता है।

पांपोर के इन नौजवान खिलाड़ियों की कामयाबी इस बात की भी गवाही देती है कि कश्मीर की नई नस्ल में खेल के मैदान पर आगे बढ़ने की भरपूर सलाहियत मौजूद है। जरूरत इस बात की है कि इन प्रतिभाओं को सही रहनुमाई, बेहतर प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के पर्याप्त मौके मिलें, ताकि वे आने वाले वक्त में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी पहचान कायम कर सकें।

कश्मीर में खेलों को नौजवानों की सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अहमियत लगातार बढ़ रही है। मार्शल आर्ट जैसी विधाएं युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत और मुश्किल हालात का सामना करने का जज़्बा पैदा करती हैं। ऐसे में पांपोर थांग-ता क्लब के खिलाड़ियों की यह उपलब्धि दूसरे नौजवानों के लिए भी एक मिसाल बन सकती है, जो खेल के जरिए अपने भविष्य को बेहतर बनाने का ख्वाब देखते हैं।

श्रीनगर में आयोजित इस चैंपियनशिप में कश्मीर के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन इस बात को भी उजागर करता है कि स्थानीय स्तर पर मौजूद खेल प्रतिभाओं को सही मंच मिले तो वे अपनी काबिलियत का बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक अहम पड़ाव होता है, जो उसे आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

मोहम्मद शहज़ैब मीर, अरीबा रशीद और सानिका फ़याज़ की यह कामयाबी पांपोर के लिए फख्र का मौका है। दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल के साथ इन खिलाड़ियों ने यह पैगाम दिया है कि मेहनत, लगन और पुख्ता इरादों के जरिए बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि इनकी सफलता से कश्मीर के दूसरे नौजवान भी खेलों की तरफ आकर्षित होंगे और आने वाले समय में घाटी के खिलाड़ी राष्ट्रीय मंच पर इसी तरह अपनी चमक बिखेरते रहेंगे।

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