बांदीपोरा ने जीता IDPL अंडर-14 कबड्डी खिताब, बारामूला को 42-38 से दी मात


कश्मीर में खेलों के जरिए नौजवानों को बेहतर मौके देने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिशों के बीच बांदीपोरा की अंडर-14 कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंटर-डिस्ट्रिक्ट प्रोविंशियल लेवल (IDPL) कबड्डी बॉयज़ अंडर-14 चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। कुपवाड़ा के बॉयज़ हायर सेकेंडरी स्कूल नगरी में आयोजित इस चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में बांदीपोरा ने बारामूला को कड़े और रोमांचक मुकाबले में 42-38 के अंतर से शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम की।

यह मुकाबला शुरू से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर का गवाह रहा। दोनों तरफ के कम उम्र खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ मैदान में अपनी काबिलियत का मुज़ाहिरा किया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने बेहतरीन रेड, डिफेंस और टीमवर्क का प्रदर्शन किया। हालांकि बारामूला की टीम ने बांदीपोरा को कड़ी चुनौती दी, लेकिन निर्णायक मौकों पर बांदीपोरा के खिलाड़ियों ने बेहतर रणनीति और संयम का प्रदर्शन करते हुए चार अंकों की बढ़त के साथ मुकाबला अपने नाम कर लिया।

तीसरे स्थान के लिए भी रहा रोमांचक मुकाबला

चैंपियनशिप में तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में अनंतनाग ने कुपवाड़ा को 25-24 के बेहद करीबी अंतर से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस मुकाबले में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने आखिरी क्षण तक जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी। महज एक अंक के अंतर से मिली जीत ने मुकाबले को और भी रोमांचक बना दिया।

पूरे टूर्नामेंट में अंडर-14 खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, फिटनेस और खेल के प्रति लगन का शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग जिलों से पहुंचे इन खिलाड़ियों को एक-दूसरे के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपनी क्षमताओं को निखारने का अहम मंच मिला। ऐसे आयोजनों से कम उम्र के खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर खेलने का अनुभव हासिल होता है और उनमें आत्मविश्वास भी पैदा होता है।

यूथ स्पोर्ट्स को मिल रही नई दिशा

इस चैंपियनशिप की मेज़बानी डिपार्टमेंट ऑफ यूथ सर्विसेज एंड स्पोर्ट्स, कुपवाड़ा की ओर से की गई। विभाग की ओर से आयोजित इस तरह के खेल मुकाबले कश्मीर के नौजवानों को मैदान से जोड़ने में अहम किरदार अदा कर रहे हैं। कबड्डी जैसे पारंपरिक और लोकप्रिय खेलों को जिला तथा प्रांतीय स्तर पर बढ़ावा मिलने से ग्रामीण और दूरदराज इलाकों से आने वाले खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा सामने लाने का मौका मिल रहा है।

कश्मीर में खेल गतिविधियों का बढ़ता दायरा इस बात की तरफ इशारा करता है कि नौजवानों के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेल और दूसरी रचनात्मक सरगर्मियों के भी नए रास्ते खुल रहे हैं। कबड्डी जैसे खेल खिलाड़ियों में शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन, नेतृत्व और मुश्किल हालात में फैसला लेने की सलाहियत भी पैदा करते हैं।

बांदीपोरा की इस जीत को इसी खेल संस्कृति का एक अहम हिस्सा माना जा सकता है। अंडर-14 स्तर पर मिली यह कामयाबी आने वाले वक्त में इन खिलाड़ियों के लिए बड़े मंचों तक पहुंचने की बुनियाद तैयार कर सकती है। वहीं बारामूला और अनंतनाग की टीमों ने भी अपने प्रदर्शन से साबित किया कि कश्मीर में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।

मुकाबले की भावना ने दिया सकारात्मक संदेश

कबड्डी चैंपियनशिप की खास बात यह रही कि अलग-अलग जिलों से आए खिलाड़ियों ने प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ मेलजोल और खेल भावना का भी मुज़ाहिरा किया। मैदान पर जीत के लिए पूरी ताकत लगाने के बावजूद खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

ऐसे खेल आयोजन कश्मीर के नौजवानों के लिए एक पुरअमन और सकारात्मक ज़िंदगी की तरफ बढ़ने का जरिया बन सकते हैं। खेल मैदान युवाओं को अपनी ऊर्जा सही दिशा में इस्तेमाल करने, नए दोस्त बनाने और अपनी काबिलियत को बेहतर करने का मौका देता है। खासकर कम उम्र के बच्चों के लिए जिला स्तर से लेकर प्रांतीय स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताएं भविष्य के खिलाड़ियों की तलाश और उन्हें तराशने में अहम भूमिका निभाती हैं।

बांदीपोरा का IDPL अंडर-14 कबड्डी खिताब इसी सिलसिले की एक मिसाल है। फाइनल में 42-38 की जीत, बारामूला की मजबूत चुनौती और तीसरे स्थान के मुकाबले में अनंतनाग की 25-24 से जीत ने यह साफ किया कि कश्मीर में कबड्डी को लेकर नई नस्ल में खासा जोश मौजूद है।

इस चैंपियनशिप ने न सिर्फ खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि खेल, अनुशासन और सकारात्मक मुकाबला कश्मीर के नौजवानों को आगे बढ़ने के बेहतर रास्ते मुहैया करा सकते हैं। आने वाले वक्त में इस तरह की प्रतियोगिताओं के लगातार आयोजन से उम्मीद है कि और ज्यादा युवा खेलों की तरफ रुख करेंगे और कश्मीर से राष्ट्रीय स्तर के नए खिलाड़ी सामने आएंगे।

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