अधिकारियों के अनुसार, मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा ने सितंबर 2023 में भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की थी। इसके बाद उसने जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाया और पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर अपने ठिकाने कायम किए। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, वर्ष 2024 से 2026 के दौरान उसने पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाकों को अपनी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया।
सूत्रों ने बताया कि मूसा ने शुरुआती दौर में पुंछ जिले के घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बनाए रखी। इन इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियां उसके लिए आवाजाही और छिपने में मददगार रही होंगी। बाद में उसकी गतिविधियों का फोकस मध्य कश्मीर की तरफ बढ़ा और बडगाम, तथा यूसमर्ग के आसपास के इलाकों में उसकी मौजूदगी की जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को मिलने लगी।
मूसा के खिलाफ सुरक्षा बलों की ओर से लंबे समय से बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाए जा रहे थे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वह सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में शामिल था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। उसकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने उसके संभावित ठिकानों और आवाजाही वाले क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाई थी।
यूसमर्ग के जंगलों में शुरू किए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। घने जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अभियान रातभर जारी रहा। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए मूसा की पहचान और गतिविधियों का पता लगाना लंबे समय से प्राथमिकता में रहा था। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, वह कई वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क का हिस्सा था और पीर पंजाल से लेकर मध्य कश्मीर तक अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। उसके खिलाफ लगातार चलाए गए अभियानों का मकसद उसके ठिकानों और नेटवर्क को तलाशना था।
मध्य कश्मीर में यूसमर्ग और उसके आसपास का इलाका अपनी घनी वनस्पति और पहाड़ी भूगोल के लिए जाना जाता है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। रातभर चले इस अभियान में भी सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी बनाए रखते हुए तलाशी और अभियान को अंजाम दिया।
मूसा के मारे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके संभावित संपर्कों, ठिकानों और पिछले कुछ वर्षों के दौरान उसकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल कर सकती हैं। अधिकारियों की ओर से क्षेत्र में एहतियाती निगरानी जारी रखने की संभावना है, ताकि किसी भी संभावित सहयोगी या छिपे हुए नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
यूसमर्ग के जंगलों में हुई यह कार्रवाई ऐसे वक्त में सामने आई है जब सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और जंगलों वाले इलाकों में आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी रखे हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का फोकस खास तौर पर उन इलाकों पर है जहां घने जंगल और पहाड़ी रास्ते आतंकियों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका रहती है।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है और मूसा की गतिविधियों तथा उसके नेटवर्क से संबंधित अधिक जानकारी सुरक्षा एजेंसियों की जांच के बाद सामने आ सकती है।


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