महिलाओं की तरक़्क़ी के लिए मैराथन 4.0, 4 अक्टूबर को जम्मू में दौड़ेंगे प्रतिभागी


महिलाओं को हुनरमंद बनाने और उन्हें रोज़गार के बेहतर मौक़े मुहैया कराने की दिशा में एक अहम पहल के तौर पर FICCI FLO जम्मू, कश्मीर और लद्दाख की ओर से मैराथन 4.0 का आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। इस मैराथन का मक़सद सिर्फ़ सेहत और फिटनेस को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि इससे हासिल होने वाली आमदनी को जम्मू में बनने वाले पहले विशेष महिला स्किलिंग सेंटर के लिए इस्तेमाल करना है। आयोजकों के मुताबिक़ मैराथन के लिए अब तक 600 से अधिक प्रतिभागियों का पंजीकरण हो चुका है।

मैराथन 4.0 में अलग-अलग उम्र और वर्गों के लोगों की भागीदारी को ध्यान में रखते हुए चार दूरी की दौड़ रखी गई हैं। इनमें 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 3 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। इस तरह प्रतिभागियों को अपनी उम्र, क्षमता और फिटनेस के मुताबिक़ दौड़ में शामिल होने का मौक़ा मिलेगा। आयोजकों की तरफ़ से इसे खेल, सेहत और सामाजिक मक़सद को एक साथ जोड़ने वाली पहल के तौर पर पेश किया गया है।

इस आयोजन की सबसे अहम ख़ासियत यह है कि मैराथन से जुड़ी आमदनी को एक ख़ास सामाजिक मक़सद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे जम्मू में प्रस्तावित पहले विशेष महिला स्किलिंग सेंटर को सहयोग मिलेगा। यह सेंटर महिलाओं को विभिन्न प्रकार के हुनर और व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगा। ऐसे में मैराथन में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों की भागीदारी सीधे तौर पर महिला कौशल विकास से जुड़ रही है।

FICCI FLO की इस पहल में खेल और महिला सशक्तीकरण को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश नज़र आती है। सड़क पर आयोजित होने वाली चार अलग-अलग दूरी की दौड़ जहां लोगों में फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता पैदा करेगी, वहीं इससे जुटाई गई राशि महिलाओं के लिए कौशल विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगी।

जम्मू-कश्मीर में महिलाओं के लिए शिक्षा, हुनर और रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने पर लगातार ज़ोर दिया जा रहा है। ऐसे में महिला स्किलिंग सेंटर जैसी पहल उन महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जो किसी हुनर को सीखकर अपनी आमदनी का ज़रिया बनाना चाहती हैं। प्रशिक्षण के ज़रिए महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा होने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के अवसर मिल सकते हैं।

मैराथन 4.0 की तैयारियों के बीच 600 से अधिक पंजीकरण इस आयोजन के प्रति लोगों की शुरुआती दिलचस्पी को दर्शाते हैं। चार अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ आयोजित किए जाने से परिवारों, युवाओं, महिलाओं और फिटनेस में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए इसमें भाग लेने की गुंजाइश रहेगी।

आयोजकों का फोकस इस बात पर है कि मैराथन को महज़ एक फिटनेस इवेंट तक सीमित न रखा जाए। इसके पीछे महिला कौशल विकास का एक स्पष्ट सामाजिक मक़सद रखा गया है। यानी 4 अक्टूबर को जम्मू की सड़कों पर होने वाली यह दौड़ एक तरफ़ लोगों को सेहत और खेल से जोड़ेगी, तो दूसरी तरफ़ महिलाओं के लिए हुनर और रोज़गार के नए रास्ते तैयार करने में भी अपना हिस्सा डालेगी।

मैराथन 4.0 इस लिहाज़ से खेल और समाजी ज़िम्मेदारी के बीच एक ऐसा ताल्लुक़ कायम करने की कोशिश है, जिसमें दौड़ में उठाया गया हर क़दम महिलाओं के हुनर और उनके बेहतर मुस्तक़बिल की तरफ़ बढ़ता हुआ क़दम बन सकता है। 

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