PoJK में पाक सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की कथित मिलीभगत उजागर, वीडियो में साफ दिखा तालमेल

 



पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तानी सेना और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के बीच कथित तालमेल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए वीडियो में ऐसे दृश्य साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े तत्व मीरपुर में पाकिस्तानी सेना के समर्थन में आयोजित रैली में नजर आ रहे हैं। वहीं, नीलम घाटी में पाक सेना की एक रैली के दौरान जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की शूरा के सदस्य बताए जाने वाले मजहर सईद शाह के संबोधन के भी दृश्य वीडियो में दिखाई देते हैं।

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मीरपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान LeT से जुड़े लोगों की मौजूदगी के बीच पाकिस्तानी सेना के समर्थन में माहौल बनाया जा रहा है। मंच और रैली के दृश्यों में सेना के पक्ष में नारेबाजी और संबोधन होते दिखाई देते हैं। यह घटनाक्रम इसलिए गंभीर है क्योंकि LeT को एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन माना जाता है और उसके नेटवर्क पर लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।

इसी तरह, वीडियो के दूसरे हिस्से में नीलम घाटी में आयोजित पाकिस्तानी सेना की रैली का दृश्य सामने आता है। इसमें मजहर सईद शाह को मंच से संबोधित करते हुए साफ देखा जा सकता है। उन्हें JeM की शूरा का सदस्य बताया गया है। एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़े व्यक्ति का पाक सेना के कार्यक्रम में सार्वजनिक मंच से संबोधन कई गंभीर सवाल पैदा करता है।

वीडियो के ये दृश्य उन रिपोर्टों को महत्वपूर्ण आधार देते हैं, जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तानी सेना PoJK में अपनी कमजोर होती नागरिक छवि को मजबूत करने के लिए आतंकी नेटवर्क से जुड़े चेहरों का इस्तेमाल कर रही है। यानी जिन संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई का दावा करता है, उन्हीं से जुड़े लोग सेना के समर्थन में सार्वजनिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं।

PoJK में लंबे समय से राजनीतिक अधिकारों, आर्थिक परेशानियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थानीय आबादी में असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों की सार्वजनिक मौजूदगी और सेना के समर्थन में उनके संबोधन को लेकर यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान नागरिक समर्थन हासिल करने के लिए प्रतिबंधित संगठनों के प्रभाव का सहारा ले रहा है।

वीडियो में दिखाई देने वाले ये दृश्य पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दावों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करते हैं। खास तौर पर तब, जब प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े बताए जाने वाले चेहरे खुले तौर पर सैन्य कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों और उनकी संगठनात्मक भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि अलग स्रोतों से आवश्यक होगी, लेकिन रिकॉर्ड किए गए दृश्यों में पाक सेना के कार्यक्रमों और आतंकी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे चेहरों की मौजूदगी स्पष्ट रूप से नजर आती है। यही दृश्य PoJK में सेना और प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क के कथित तालमेल को लेकर उठ रहे सवालों को और गंभीर बना देते हैं।




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