कश्मीर के युवा मेडिकल प्रोफेशनल आमिर अहद लोन ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए AIIMS CRE-5 में Nuclear Medicine में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल की है। उनकी इस कामयाबी ने परिवार, शिक्षकों और कश्मीर के मेडिकल व पैरामेडिकल क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी की लहर पैदा कर दी है।
आमिर की यह उपलब्धि एक दिन की तैयारी का नतीजा नहीं बल्कि वर्षों की पढ़ाई, अनुशासन, लगातार मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने अपनी शुरुआती उच्च शिक्षा शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) से B.Sc in Radiodiagnosis में पूरी की। इसी दौरान उन्होंने मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोस्टिक तकनीक की मजबूत बुनियाद तैयार की।
इसके बाद आमिर ने देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान AIIMS का रुख किया, जहां उन्होंने Nuclear Medicine में पोस्टग्रेजुएट योग्यता हासिल की। Nuclear Medicine आधुनिक चिकित्सा विज्ञान का एक विशेष क्षेत्र है, जिसमें नियंत्रित तरीके से रेडियोएक्टिव पदार्थों का इस्तेमाल विभिन्न बीमारियों की जांच और उपचार में किया जाता है। इस क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के साथ सटीकता, वैज्ञानिक समझ और जिम्मेदारी बेहद जरूरी होती है।
आमिर की शैक्षणिक यात्रा में इससे पहले भी उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज हैं। उन्होंने JKSSB 2021 में दूसरा स्थान हासिल किया था। यह सफलता उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है।
फिलहाल आमिर Government Medical College (GMC), Jammu में Radiology Technologist के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पढ़ाई के साथ हासिल किया गया यह व्यावहारिक अनुभव उनके पेशेवर सफर को और मजबूत बनाता है। मरीजों से जुड़े वास्तविक कार्य और तकनीकी जिम्मेदारियों ने उनके ज्ञान को जमीन पर लागू करने का अवसर दिया है।
अब AIIMS CRE-5 में ऑल इंडिया रैंक 8 उनके सफर की एक और बड़ी उपलब्धि बन गई है। राष्ट्रीय स्तर की ऐसी प्रतियोगी परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए विषय की गहरी समझ, लगातार अध्ययन, समय प्रबंधन और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता जरूरी होती है।
SKIMS से Radiodiagnosis की पढ़ाई, AIIMS से Nuclear Medicine में विशेषज्ञता, JKSSB 2021 में दूसरा स्थान, GMC Jammu में पेशेवर सेवा और अब AIIMS CRE-5 में ऑल इंडिया रैंक 8—आमिर की पूरी यात्रा लगातार आगे बढ़ने की मिसाल है।
उनकी कामयाबी कश्मीर के उन युवाओं के लिए खास तौर पर प्रेरणा है जो मेडिकल और पैरामेडिकल क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सपना रखते हैं। आमिर की कहानी साफ संदेश देती है कि मंजिल एक बड़ी छलांग से नहीं बल्कि रोज की मेहनत, सीखने की ललक और अपने लक्ष्य पर लगातार टिके रहने से हासिल होती है

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