कश्मीर में तिरंगे की शान, Gurez से Kupwara तक देशभक्ति के रंग में रंगा, जम्मू-कश्मीर

 


 स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत देशभक्ति का रंग और गहरा होता दिखाई दे रहा है। कश्मीर के पहाड़ी इलाकों से लेकर कस्बों और गांवों तक तिरंगा यात्राओं, ध्वजारोहण कार्यक्रमों और स्थानीय पहलों के जरिए लोग राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और अपनी देशभक्ति का इज़हार कर रहे हैं। इन गतिविधियों में भारतीय सेना, प्रशासन, विद्यार्थी और आम नागरिकों की भागीदारी खास तौर पर नजर आ रही है।

गुरेज घाटी में नियंत्रण रेखा (LoC) के करीब भारतीय सेना की ओर से 120 फुट ऊंचा तिरंगा फहराया गया। ऊंचे पहाड़ों और हरी-भरी वादियों के बीच लहराता विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों का खास आकर्षण बना। यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जुड़ा बताया गया है। सीमावर्ती इलाके में तिरंगे का यह भव्य प्रदर्शन स्थानीय लोगों के बीच राष्ट्रीय गौरव और एकजुटता का संदेश देता नजर आया।

कुपवाड़ा में भारतीय सेना की ओर से स्थानीय बेरोजगार युवतियों को रोजगार और हुनर से जोड़ने की पहल भी सामने आई। तिरंगा-निर्माण केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का प्रशिक्षण और काम दिया जा रहा है। इस पहल का मकसद केवल ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को मजबूत करना नहीं, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना भी है। तिरंगा तैयार करती कश्मीरी महिलाओं की तस्वीरें इस अभियान के सामाजिक और आर्थिक पहलू को भी सामने लाती हैं।

इसी सिलसिले में पट्टन में रेलवे स्टेशन से पांडु पार्क तक तिरंगा रैली निकाली गई। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। रैली के दौरान हाथों में तिरंगा लिए प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारों के साथ स्वतंत्रता दिवस की भावना को जीवंत किया। कार्यक्रम में SDM पट्टन, SDPO पट्टन, तहसीलदार पट्टन और SHO पट्टन समेत प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही ये तस्वीरें बताती हैं कि स्वतंत्रता दिवस अब केवल सरकारी समारोहों तक महदूद नहीं है। गुरेज की सीमा से लेकर कुपवाड़ा की महिला कारीगरों और पट्टन के विद्यार्थियों तक, तिरंगा अभियान ने समाज के अलग-अलग वर्गों को एक साझा राष्ट्रीय भावना से जोड़ने का काम किया है।

‘हर घर तिरंगा’ के तहत हो रही ये गतिविधियां जम्मू-कश्मीर में देशभक्ति, महिला सशक्तीकरण, युवा भागीदारी और सामाजिक एकजुटता के संदेश को मजबूत कर रही हैं। पहाड़ों में लहराता विशाल तिरंगा और हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए कश्मीर के विद्यार्थी इस स्वतंत्रता दिवस पर एक साझा संदेश देते नजर आ रहे हैं—तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता और साझा पहचान का प्रतीक है।

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