कश्मीर की खूबसूरत वादियों में आज बदलाव की कई ऐसी कहानियां लिखी जा रही हैं जो न सिर्फ उम्मीद जगाती हैं बल्कि समाज को आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाती हैं। बांडीपोरा के शाहगुंड की चार युवा महिलाओं ने अपनी मेहनत, हुनर और हिम्मत से ऐसी ही एक मिसाल कायम की है। रज़िया फारूक की अगुवाई में इन चारों महिलाओं ने आर्मी गुडविल स्कूल (AGS), हाजिन में सैनिटरी पैड निर्माण की एक यूनिट स्थापित की है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, मासिक धर्म स्वच्छता और ग्रामीण युवाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
रज़िया फारूक इस काम से वर्ष 2022 से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने घर से सैनिटरी पैड बनाने का काम शुरू किया था। शुरुआत छोटी थी और साधन भी सीमित थे लेकिन इरादा मजबूत था। धीरे-धीरे उनके साथ तीन और स्थानीय युवतियां जुड़ती गईं और यह छोटा सा प्रयास एक सामूहिक पहल में बदल गया।
इस प्रयास को आगे बढ़ाने में भारतीय सेना का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। सेना ने यूनिट के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरण उपलब्ध कराए जिससे घर से शुरू हुआ यह काम अब एक व्यवस्थित और औपचारिक निर्माण इकाई में बदल सका। यह सहयोग केवल मशीनरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण महिलाओं को अपने हुनर को रोजगार में बदलने का अवसर देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
सैनिटरी पैड निर्माण की यह यूनिट महिलाओं और किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद कर सकती है। ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता से जुड़ी सही जानकारी और किफायती सैनिटरी उत्पादों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से महिलाओं तक जरूरी स्वच्छता सामग्री पहुंचाने का एक बेहतर माध्यम तैयार होता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस पहल ने चार युवतियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता दिया है। इससे यह संदेश जाता है कि गांव की बेटियां केवल अवसर की तलाश करने वाली नहीं बल्कि अवसर पैदा करने वाली भी बन सकती हैं।
आज शाहगुंड की ये चार बेटियां कश्मीर की बदलती तस्वीर का हिस्सा हैं। भारतीय सेना द्वारा कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली ऐसी पहलें ग्रामीण युवाओं को अपने भविष्य के लिए नए सपने देखने का हौसला देती हैं।
यह कहानी सिर्फ सैनिटरी पैड बनाने की नहीं है। यह कहानी है हुनर को पहचान मिलने की, बेटियों को अपने पैरों पर खड़ा होने की और एक शांत, आत्मनिर्भर और खुशहाल कश्मीर की नई तस्वीर गढ़ने की।

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