रन फॉर लोलाब 2026' : सीमाओं से निकलेगा फिटनेस और बदलाव का संदेश, युवाओं को मिलेगा नया मंच



कुपवाड़ा, 2 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा की खूबसूरत लोलाब घाटी आगामी 30 अगस्त 2026 को एक ऐतिहासिक खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रही है। "रन फॉर लोलाब 2026" के नाम से आयोजित होने वाली यह कश्मीर घाटी की पहली बॉर्डर मैराथन होगी, जिसका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना, नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना और सीमावर्ती क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव का संदेश देना है।

इस मैराथन का आयोजन काफिला फाउंडेशन (जम्मू-कश्मीर) द्वारा आम्ही पुणेकर फाउंडेशन (महाराष्ट्र) के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन को जिला प्रशासन, कुपवाड़ा से आवश्यक प्रशासनिक अनुमति प्राप्त हो चुकी है, जबकि प्रतियोगिता का तकनीकी संचालन पुणे, महाराष्ट्र से आने वाली विशेषज्ञ टीम करेगी। आयोजन को एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया जाएगा।

आयोजकों के अनुसार, मैराथन का मुख्य उद्देश्य केवल दौड़ का आयोजन करना नहीं है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, खेल संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी है। कार्यक्रम "ड्रग फ्री जम्मू-कश्मीर" अभियान के तहत आयोजित किया जा रहा है, ताकि युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित किया जा सके।

मैराथन में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए 5 किलोमीटर की ओपन कैटेगरी आयोजित की जाएगी, जिसका मार्ग पोटुशाई से लोलाब गेट तक निर्धारित किया गया है। विजेताओं के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार घोषित किए गए हैं। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले धावक को ₹51,000, द्वितीय को ₹30,000, तृतीय को ₹20,000, चौथे को ₹15,000, पाँचवें को ₹13,000, जबकि छठे से दसवें स्थान तक आने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को ₹10,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। सभी विजेताओं को मेडल और प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे।

स्कूल विद्यार्थियों के लिए भी 3 किलोमीटर और 2 किलोमीटर की अलग-अलग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इन श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः ₹5,000, ₹3,000 और ₹2,000 की पुरस्कार राशि के साथ मेडल और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक मैराथन पूरा करने वाले प्रतिभागी को फिनिशर मेडल तथा प्रमाण-पत्र, जबकि सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट दिया जाएगा।

प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे मार्ग पर मेडिकल सहायता, हाइड्रेशन पॉइंट्स, एनर्जी ड्रिंक्स, सुरक्षा स्वयंसेवक तथा प्रोफेशनल रूट मैनेजमेंट की व्यवस्था की जाएगी। आयोजन से दो से तीन दिन पहले सभी प्रतिभागियों को आधिकारिक टी-शर्ट, रेस किट और बीआईबी नंबर वितरित किए जाएंगे, जिसकी सूचना पूर्व में साझा की जाएगी।

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि पुरस्कार प्राप्त करने के लिए किसी विशेष समय सीमा (Timing Qualification) की आवश्यकता नहीं होगी। ओपन कैटेगरी में जो पहले दस धावक फिनिश लाइन पार करेंगे, उन्हें घोषित पुरस्कार संरचना के अनुसार सम्मानित किया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन सीमावर्ती क्षेत्रों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देते हैं। लोलाब घाटी की प्राकृतिक सुंदरता के बीच आयोजित होने वाली यह मैराथन देशभर के धावकों और खेल प्रेमियों को आकर्षित कर सकती है, जिससे क्षेत्र की सकारात्मक पहचान और मजबूत होगी।

"रन फॉर लोलाब 2026" केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि नए कश्मीर की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि सीमावर्ती क्षेत्र आज विकास, खेल, शिक्षा और युवा शक्ति के नए अध्याय लिख रहे हैं। फिटनेस, सामाजिक जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से यह मैराथन एक नशामुक्त, स्वस्थ और सशक्त जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।


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