शोपियां के देवपोरा में भारतीय फौज की तालीमी पहल, क्विज़ और पेंटिंग मुकाबलों से निखरा बच्चों का हुनर

शोपियां जिले के खूबसूरत गांव देवपोरा स्थित सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भारतीय फौज की जानिब से आयोजित क्विज़ और पेंटिंग मुकाबलों ने विद्यार्थियों के बीच सीखने, रचनात्मकता और वतनपरस्ती के जज़्बे को नई मजबूती दी। फौज की सामुदायिक पहुंच और नौजवानों की तरक़्क़ी के लिए चल रही मुहिम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में तीन अलग-अलग स्कूलों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों में तालीमी बेहतरी, आलोचनात्मक सोच, रचनात्मक अभिव्यक्ति और राष्ट्रीय जागरूकता को बढ़ावा देना था। कक्षा आठवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित क्विज़ मुकाबले में 62 छात्रों ने हिस्सा लिया। सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, विज्ञान, इतिहास, भूगोल, राष्ट्रीय विकास तथा भारतीय सशस्त्र बलों से जुड़े विषयों पर आधारित सवालों ने प्रतिभागियों की जानकारी और सोचने-समझने की क्षमता को परखा। मुकाबले के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह, आत्मविश्वास और बेहतर प्रदर्शन की ललक का परिचय दिया। आयोजकों के अनुसार इस प्रतियोगिता ने बच्चों को मौजूदा घटनाओं और राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया तथा उनमें विश्लेषणात्मक सोच और टीम भावना को मजबूत बनाया।

इसी के साथ कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग मुकाबले का भी आयोजन किया गया, जिसमें 54 बच्चों ने भाग लिया। नन्हे कलाकारों ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक विकास जैसे विषयों को रंगों और कल्पनाशक्ति के माध्यम से जीवंत रूप दिया। बच्चों की कलाकृतियों में न केवल उनकी रचनात्मक क्षमता झलक रही थी बल्कि समाज और देश के प्रति उनकी बढ़ती समझ भी साफ दिखाई दे रही थी। शिक्षकों ने प्रतिभागियों की मौलिक सोच और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भारतीय फौज के जवानों और अधिकारियों के साथ संवाद का अवसर भी मिला। इस बातचीत ने बच्चों को अनुशासन, समर्पण, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा जैसी महत्वपूर्ण मूल्यों को करीब से समझने का मौका दिया। विद्यार्थियों ने सैनिकों की कुर्बानियों और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका के प्रति गहरी सराहना व्यक्त की तथा भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देने की अपनी इच्छा भी जाहिर की।

स्कूल प्रशासन ने इस सार्थक पहल के लिए भारतीय फौज का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा, प्रेरणा और रचनात्मकता को एक साथ जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर आयोजित ऐसे तालीमी और प्रेरणादायक कार्यक्रम फौज और अवाम के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं तथा नौजवानों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।

देवपोरा में सफलतापूर्वक आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय फौज की उस सतत प्रतिबद्धता का प्रतीक है जिसके तहत शिक्षा, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नौजवान पीढ़ी को सशक्त बनाया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय नागरिकों में नया उत्साह और प्रेरणा देखने को मिली। ज्ञान, रचनात्मकता, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को मजबूत करने वाली ऐसी पहलें भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।

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