
करीब 100 करोड़ रुपये की लागत वाले इस अहम प्रोजेक्ट के तहत जम्मू-कश्मीर के दस अहम मुक़ामात पर आधुनिक फ्लोटिंग जेट्टीज़ तामीर की जाएंगी। ये जेट्टीज़ प्रदेश की मशहूर नदियों झेलम, चिनाब और रावी के किनारों पर स्थापित होंगी, जिससे स्थानीय और बाहरी सैलानियों को दरियाई सफ़र का अनूठा तजुर्बा हासिल होगा।
जम्मू संभाग में अखनूर, रियासी और सोहार को इस योजना में शामिल किया गया है, जबकि कश्मीर वादी में पंथा चौक, ज़ीरो ब्रिज, अमीरा कदल, शाह-ए-हमदान, सफ़ा कदल, सुम्बल ब्रिज और गुंड प्रांग-बांदीपोरा जैसे अहम मुक़ामात को विकसित किया जाएगा। इन स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लोटिंग जेट्टीज़ सैलानियों को सुरक्षित और आरामदायक दरियाई सफ़र मुहैया कराएंगी।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल जम्मू-कश्मीर को देश के प्रमुख इनलैंड वाटर टूरिज़्म डेस्टिनेशन के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी। अब तक कश्मीर की पहचान मुख्य रूप से डल झील, निगीन झील और हाउसबोट्स तक सीमित रही है, लेकिन नई रिवर क्रूज़ सेवाएं पर्यटकों को झेलम, चिनाब और रावी जैसी ऐतिहासिक और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर नदियों के करीब ले जाएंगी।
झेलम नदी, जो सदियों से कश्मीर की तहज़ीब और तारीख़ की गवाह रही है, अब आधुनिक पर्यटन का नया चेहरा बनने जा रही है। श्रीनगर के बीचों-बीच बहने वाली झेलम के दोनों किनारों पर मौजूद पुरानी इमारतें, ऐतिहासिक पुल और सांस्कृतिक धरोहरें पर्यटकों को एक अलग ही मंज़र पेश करेंगी। वहीं चिनाब और रावी के किनारे फैले पहाड़ी इलाके और मनमोहक दृश्य रोमांच पसंद सैलानियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेंगे।
इस योजना का एक अहम मक़सद स्थानीय नौजवानों के लिए रोज़गार के नए मौक़े पैदा करना भी है। रिवर क्रूज़ संचालन, गाइड सेवाओं, आतिथ्य उद्योग, परिवहन और स्थानीय हस्तशिल्प से जुड़े क्षेत्रों में रोज़गार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। इससे न सिर्फ़ पर्यटन उद्योग को मजबूती मिलेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नया सहारा हासिल होगा।
प्रशासन का मानना है कि जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत जलधाराओं, आधुनिक फ्लोटिंग जेट्टीज़ और दिलकश प्राकृतिक नज़ारों को वैश्विक मंच पर पेश कर अंतरराष्ट्रीय सैलानियों को भी आकर्षित किया जा सकता है। दुनिया भर के पर्यटक अब सिर्फ़ पहाड़ों और बाग़ों ही नहीं, बल्कि कश्मीर की नदियों में आरामदायक और यादगार सफ़र का भी लुत्फ़ उठा सकेंगे।
पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि यह परियोजना कश्मीर की छवि को और अधिक मज़बूत करेगी तथा प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नक्शे पर नई पहचान दिलाएगी। इससे जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा और साल भर पर्यटकों की आमद में इज़ाफ़ा देखने को मिल सकता है।
"कश्मीर – द टाइमलेस ब्यूटी" की थीम को आगे बढ़ाते हुए यह पहल दुनिया को यह पैग़ाम देती है कि कश्मीर सिर्फ़ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और मेहमाननवाज़ी का बेमिसाल संगम है। झेलम की लहरें, चिनाब की रवानगी, रावी की ख़ामोश खूबसूरती और वादी के दिलकश मंज़र अब दुनिया भर के मुसाफ़िरों का इस्तक़बाल करने के लिए तैयार हैं।
जम्मू-कश्मीर एक बार फिर दुनिया को अपनी उस खूबसूरती से रूबरू कराने जा रहा है जो सदियों से लोगों के दिलों को मोहती आई है। नई रिवर क्रूज़ सेवाओं के साथ वादी का पर्यटन एक नए दौर में दाख़िल हो रहा है, जहां हर सफ़र यादगार होगा और हर मंज़र कश्मीर की बेमिसाल खूबसूरती की दास्तान सुनाएगा।

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