जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए 53,400 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं का ऐलान, विकास की नई राहें होंगी हमवार


श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बुनियादी ढांचे को नई बुलंदियों तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 53,400 करोड़ रुपये की विशाल सड़क एवं सुरंग परियोजनाओं की घोषणा की है। यह ऐलान 9 जून को जोजिला सुरंग परियोजना में ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू के बाद सामने आया है, जिसे क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी के लिहाज़ से एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।

वज़ीर-ए-आला स्तर की इन परियोजनाओं का मक़सद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को हर मौसम में बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करना, पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय कारोबार को मज़बूत करना और रणनीतिक दृष्टि से सीमावर्ती इलाकों को सशक्त बनाना है। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार के लगभग 1.35 लाख करोड़ रुपये के व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।

घोषित परियोजनाओं में सबसे अहम 12,000 करोड़ रुपये की लागत वाला कटड़ा-श्रीनगर हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना जम्मू क्षेत्र को कश्मीर घाटी से तेज़ और आधुनिक सड़क संपर्क के ज़रिये जोड़ेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके पूरा होने के बाद यात्रा का समय काफी कम होगा और लोगों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा।

इसके अलावा कई महत्वपूर्ण सुरंगों और राजमार्ग परियोजनाओं पर भी काम किया जाएगा, जिनका उद्देश्य दुर्गम और बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में पूरे साल यातायात को सुचारु बनाए रखना है। लंबे समय से कश्मीर और लद्दाख के लोग सर्दियों के दौरान सड़क बंद होने की समस्या का सामना करते रहे हैं। नई सुरंगों के निर्माण से इस चुनौती का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल परिवहन व्यवस्था में सुधार आएगा बल्कि पर्यटन क्षेत्र को भी नई रफ़्तार मिलेगी। कश्मीर की खूबसूरत वादियां, पहलगाम, गुलमर्ग, सोनमर्ग और लद्दाख के विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल देश-विदेश के सैलानियों के लिए और अधिक सुलभ बन जाएंगे। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे होटल, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों को भी सीधा फायदा पहुंचेगा।

माहिरीन के मुताबिक इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान हज़ारों युवाओं को रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध होंगे। सड़क और सुरंग निर्माण से जुड़े विभिन्न कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही कृषि, बागवानी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

रणनीतिक दृष्टि से भी इन परियोजनाओं को बेहद अहम माना जा रहा है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश की संवेदनशील सीमाओं से जुड़े क्षेत्र हैं। हर मौसम में सुचारु सड़क संपर्क उपलब्ध होने से सुरक्षा बलों की आवाजाही और रसद आपूर्ति अधिक प्रभावी बन सकेगी। यही वजह है कि इन परियोजनाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

जोजिला सुरंग में हाल ही में हासिल हुई सफलता को इस दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह सुरंग कश्मीर घाटी को लद्दाख से सालभर जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके पूरा होने से उन इलाकों को बड़ी राहत मिलेगी जो भारी बर्फबारी के कारण महीनों तक देश के बाकी हिस्सों से कट जाते हैं।

केंद्र सरकार का कहना है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। हाल के वर्षों में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्रों में कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनका उद्देश्य क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से और अधिक मज़बूती से जोड़ना है।

अहल-ए-वादी का मानना है कि 53,400 करोड़ रुपये की इन नई परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तरक्की का एक नया दौर शुरू होगा। बेहतर सड़क संपर्क, बढ़ते निवेश, पर्यटन में इज़ाफ़ा और रोज़गार के नए अवसर आने वाले वर्षों में इस पूरे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक तस्वीर को बदल सकते हैं। केंद्र सरकार की यह पहल कश्मीर को आधुनिक, समृद्ध और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से लैस क्षेत्र बनाने की दिशा में एक अहम क़दम के तौर पर देखी जा रही है।

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