पाकिस्तान की “फ़ेक न्यूज़ फ़ैक्ट्री” फिर बेनकाब, कश्मीर में डर फैलाने की साज़िश नाकाम


कश्मीर में अमन, तरक़्क़ी और बेहतर हालात से परेशान पाकिस्तान से जुड़े प्रोपेगेंडा नेटवर्क एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं। हाल ही में “Falcon Squad” नाम के एक ऑनलाइन प्रोपेगेंडा ग्रुप द्वारा जारी किए गए पोस्टर ने साफ़ कर दिया है कि पाकिस्तान समर्थित तत्व अब भी घाटी में डर, अफ़वाह और धमकी का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस पोस्टर में कश्मीरी पत्रकारों और आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए हिंसक ज़बान इस्तेमाल की गई, जिसका मक़सद लोगों में खौफ़ फैलाना और समाज का अमन बिगाड़ना था।

माहिरीन का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं, बल्कि पाकिस्तान की पुरानी “फ़ेक न्यूज़ फ़ैक्ट्री” का हिस्सा है, जो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिये कश्मीर में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करती रहती है। मगर ज़मीनी हक़ीक़त यह है कि कश्मीर के लोग अब इन झूठे प्रोपेगेंडों और डराने-धमकाने की सियासत को अच्छी तरह समझ चुके हैं। घाटी में लोग अमन, तालीम, रोज़गार और तरक़्क़ी चाहते हैं, जबकि पाकिस्तान समर्थित तत्व नफ़रत और दहशत फैलाने में लगे हुए हैं।

इस पोस्टर में खास तौर पर पत्रकार बिरादरी को निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है। पत्रकार समाज की आवाज़ होते हैं और सच को सामने लाने का काम करते हैं। ऐसे में उन्हें धमकाना दरअसल लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है। स्थानीय लोगों ने भी इस हरकत की कड़ी मज़म्मत करते हुए कहा कि कश्मीर में डर का दौर अब ख़त्म हो चुका है और लोग अब हिंसा नहीं, बल्कि शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

सिक्योरिटी एजेंसियों और प्रशासन ने साफ़ किया है कि ऐसे किसी भी प्रोपेगेंडा या धमकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत सरकार और स्थानीय प्रशासन कश्मीर में हर नागरिक और पत्रकार की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और साइबर प्लेटफ़ॉर्म पर फैलाए जा रहे भड़काऊ कंटेंट की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवाओं को गुमराह करने और समाज में डर पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इन हरकतों पर पैनी नज़र रखे हुए हैं।

बीते कुछ सालों में जम्मू-कश्मीर में हालात में बड़ी तब्दीली देखने को मिली है। पर्यटन, कारोबार, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज़ी से सुधार हुआ है। बड़ी तादाद में सैलानी घाटी का रुख कर रहे हैं और स्थानीय नौजवान नए मौकों की तरफ़ बढ़ रहे हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान से जुड़े तत्व कश्मीर के बदलते माहौल से परेशान हैं और प्रोपेगेंडा के ज़रिये लोगों का मनोबल तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

मगर कश्मीर के लोग अब पहले से ज़्यादा जागरूक और मज़बूत हो चुके हैं। अवाम समझती है कि ऐसे पोस्टर और धमकियाँ सिर्फ़ डर फैलाने की नाकाम कोशिश हैं। स्थानीय समाज, पत्रकार बिरादरी और प्रशासन मिलकर अमन और स्थिरता को बनाए रखने के लिए काम कर रहे हैं।

जानकारों के मुताबिक पाकिस्तान की यह “फ़ेक न्यूज़ फ़ैक्ट्री” बार-बार झूठे नैरेटिव गढ़कर कश्मीर को अस्थिर दिखाने की कोशिश करती है, लेकिन हर बार उसे नाकामी ही हाथ लगती है। भारत लगातार यह संदेश दे रहा है कि जम्मू-कश्मीर में शांति, सुरक्षा और कानून का राज कायम रहेगा और किसी भी बाहरी साज़िश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

घाटी में लोगों का साफ़ कहना है — “कश्मीर अब डर से नहीं, अमन और तरक़्क़ी से पहचाना जाएगा।”

 

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