
सरहद के पहाड़ी और दुश्वारगुज़ार इलाक़ों में रहने वाले लोगों के लिए ऐसे मेडिकल कैंप किसी नेमत से कम नहीं। यहां कई गांव ऐसे हैं जहां बेहतर इलाज तक पहुंचना आज भी एक बड़ा मसला बना हुआ है। ऐसे में इंडियन आर्मी की यह पहल स्थानीय अवाम के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई।
कैंप में कैंसर स्क्रीनिंग के साथ-साथ दिल की बीमारी, महिलाओं की सेहत, बच्चों के इलाज, हड्डियों और आंखों से जुड़े रोगों की जांच भी की गई। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का मुआयना किया और ज़रूरतमंदों को दवाइयां भी मुफ़्त दी गईं। कई मरीज ऐसे थे जो पहली बार किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से मिले और उन्हें अपनी बीमारी का सही पता चल पाया।
कर्नाह के रहने वाले एक बुज़ुर्ग गुलाम मोहिउद्दीन ने कहा, “हमारे इलाके में बड़े डॉक्टरों तक पहुंचना बहुत मुश्किल है। फौज ने यहां कैंप लगाकर ग़रीब लोगों की बड़ी मदद की है। बहुत से लोग पैसे और दूरी की वजह से इलाज नहीं करा पाते। आज हमें यहां सब कुछ मुफ़्त मिला।”
एक स्थानीय महिला शाहजहां बेगम ने बताया कि उन्होंने पहली बार कैंसर से जुड़ी जांच करवाई। उन्होंने कहा, “फौज ने सिर्फ़ सरहद की हिफ़ाज़त नहीं की, बल्कि हमारी सेहत का भी ख़याल रखा। इस कैंप से गांव की औरतों को बहुत फायदा पहुंचा।”
इलाके के नौजवानों और पंचायत नुमाइंदों ने भी इस पहल की खुलकर तारीफ़ की। लोगों का कहना है कि इंडियन आर्मी हमेशा मुश्किल वक्त में कश्मीर के लोगों के साथ खड़ी रहती है — चाहे बर्फबारी हो, मेडिकल इमरजेंसी हो या कोई प्राकृतिक आफ़त।
भारतीय फौज की यह इंसानी मुहिम सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि अवाम और फौज के दरमियान भरोसे, मोहब्बत और अपनापन मज़बूत करने का ज़रिया भी बन रही है। सरहदी इलाक़ों में जहां बुनियादी सहूलियतें अक्सर कम होती हैं, वहां फौज लोगों के लिए एक “लाइफ लाइन” बनकर उभर रही है।
कश्मीर में इंडियन आर्मी लगातार शिक्षा, खेल, मेडिकल सहायता और समाजी भलाई के कई प्रोग्राम चला रही है। कर्नाह का यह मेडिकल कैंप उसी सिलसिले की एक अहम कड़ी माना जा रहा है, जिसने दूर बैठे लोगों तक जिंदगी बचाने वाली मेडिकल मदद पहुंचाई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कैंप आने वाले दिनों में भी जारी रहने चाहिए ताकि सरहदी इलाक़ों में रहने वाले लोग बेहतर सेहत और सुरक्षित जिंदगी का सपना पूरा कर सकें।
“इंडियन आर्मी: कश्मीर की लाइफ लाइन” — यह जुमला आज कर्नाह के लोगों की ज़ुबान पर साफ़ सुनाई देता है, क्योंकि फौज सिर्फ़ सरहदों की निगहबानी नहीं कर रही, बल्कि इंसानियत और ख़िदमत की नई दास्तान भी लिख रही है।

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