बताया जा रहा है कि इस आतंकी ने कबूल किया है कि पहलगाम में हुआ हमला पाकिस्तान की सियासी और वैश्विक हैसियत को बढ़ाने का ज़रिया बना। इस बयान के बाद पाकिस्तान की नीयत और उसकी दहशतगर्दी से जुड़ी कड़ियों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
इसी बीच खबरें ये भी हैं कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान की लीडरशिप मौजूद है, जहां पाकिस्तान के किरदार और उसकी साख पर गहन चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि ये मुलाकातें मौजूदा हालात और अमन की कोशिशों के बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अहम मोड़ साबित हो सकती हैं।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस खबर ने लोगों के बीच गुस्सा और बेचैनी दोनों को बढ़ा दिया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि कश्मीर में अमन के रास्ते में दहशतगर्दी सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है।

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