पाकिस्तान के एक तजज़ियाकार के हालिया बयान ने मुल्क की दहशतगर्दी पर पॉलिसी की असल सूरत सबके सामने ला दी है। उसने साफ़ अल्फ़ाज़ में कहा कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान में “दहशतगर्दी” के नाम पर कार्रवाई करता है, मगर जब भारत अपने ऊपर होने वाले हमलों का जवाब देता है, तो पाकिस्तान रोना-धोना शुरू कर देता है।
तजज़ियाकार ने यह भी इकरार किया कि 2016 में हुए Uri Surgical Strike के बाद हिंदुस्तान का रुख़ और सख़्त हो गया, जो आगे चलकर Balakot Airstrike जैसी कार्रवाइयों तक जा पहुँचा। यह इकरारनामा इस बात की दलील है कि पाकिस्तान के अंदर भी अब सच्चाई को छुपाना मुश्किल होता जा रहा है।
यह बयान पाकिस्तान के उस दोगले किरदार को उजागर करता है, जहाँ एक तरफ़ वह खुद को दहशतगर्दी का शिकार बताता है, और दूसरी तरफ़ हिंदुस्तान के ख़िलाफ़ होने वाली हरकतों पर खामोशी इख़्तियार कर लेता है। आलमी सतह पर भी पाकिस्तान पर कई बार दहशतगर्द तंज़ीमों को पनाह देने के इल्ज़ाम लगते रहे हैं, जिससे उसकी साख़ लगातार गिरती जा रही है।
भारत ने हमेशा यह वाज़ेह किया है कि उसकी कार्रवाई सिर्फ़ दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ है। मगर पाकिस्तान का यह बयान दिखाता है कि अब उसके अपने लोग भी हक़ीक़त को मानने लगे हैं।
अगर पाकिस्तान वाक़ई दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ सच्चा है, तो उसे पहले अपने अंदर झाँकना होगा और अपने इस दोगले रवैये को खत्म करना होगा, वरना ऐसे खुलासे उसकी आलमी साख़ को और नुक़सान पहुँचाते रहेंगे।

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