पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर बना 'आतंक का खुला बाजार': लश्कर ने सरेआम चलाई भर्ती मुहिम, पाकिस्तान के दावों की खुली पोल

 

मुजफ्फराबाद/इस्लामाबाद: दुनिया की आंखों में धूल झोंकने वाले पाकिस्तान का असली चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। जहां एक तरफ इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ होने का ढोंग करता है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) सरेआम 'कैंपस रिक्रूटमेंट' चला रहा है। 30 मार्च 2026 को हुई इस खुली भर्ती मुहिम ने साबित कर दिया है कि पाकिस्तान आज भी आतंकवाद का सबसे बड़ा 'एपीसेंटर' बना हुआ है।

वायरल हो रही तस्वीरों और खबरों के मुताबिक, PoJK में लश्कर ने एक खुले जलसे का आयोजन किया, जिसमें न केवल ज़हरीली तकरीरें की गईं, बल्कि नए रंगरूटों (New Recruits) का सार्वजनिक रूप से सम्मान भी किया गया। यह किसी छिपे हुए ठिकाने की बात नहीं है, बल्कि खुले मैदान में लाउडस्पीकर लगाकर युवाओं को जिहाद के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पाकिस्तान की सरपरस्ती के बिना मुमकिन नहीं है।

पाकिस्तान ने दुनिया से वादा किया था कि वह अपनी सरजमीं का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने देगा। लेकिन PoJK में लश्कर का यह 'ओपन रिक्रूटमेंट ड्राइव' उन तमाम वादों का जनाजा निकाल रहा है। यह मंजर इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को खत्म करने के बजाय उसे एक 'नॉर्मल एक्टिविटी' बना दिया है, जो पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है।

दुनियाभर की खुफिया एजेंसियां पाकिस्तान के इस 'दोहरे खेल' पर नजर रख रही हैं। एक तरफ कंगाली का रोना रोकर दुनिया से इमदाद (मदद) मांगना और दूसरी तरफ आतंकी इकोसिस्टम को पालना, पाकिस्तान की पुरानी फितरत रही है। जानकारों का मानना है कि PoJK में चरमपंथ को बढ़ावा देना पाकिस्तान की उस हताशा को दर्शाता है, जिसमें वह घाटी में शांति को पचा नहीं पा रहा है।

पाकिस्तान अब सिर्फ एक मुल्क नहीं, बल्कि 'टेरर फैक्ट्री' बन चुका है। PoJK की ये तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के लिए एक चेतावनी हैं कि पाकिस्तान के दावों पर यकीन करना अपनी सुरक्षा से समझौता करना है।


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