बांदीपोरा, 19 अप्रैल: कश्मीर के सख़्त मौसम और बर्फ़बारी के दरमियान एक बार फिर भारतीय सेना ने अपने फ़र्ज़ और इंसानियत का बेहतरीन नमूना पेश किया। बांदीपोरा–गुरेज़ सड़क, जो ताज़ा बर्फ़बारी के बाद मुकम्मल तौर पर बंद हो गई थी, वहां फंसी करीब 50 गाड़ियों को एक मुश्तरका रेस्क्यू ऑपरेशन के ज़रिये महफ़ूज़ बाहर निकाला गया।
इस राहत मुहिम में बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO), बांदीपोरा पुलिस और भारतीय सेना ने मिलकर जिस तरह तालमेल के साथ काम किया, उसने कई ज़िंदगियों को ख़तरे से बचा लिया। ख़ास तौर पर रज़दान टॉप के इलाक़े में बर्फ़ के भारी जमाव की वजह से हालात काफ़ी संगीन हो गए थे, जहां सैलानी, मुसाफ़िर और ज़रूरी सामान ले जा रही गाड़ियां फंस गई थीं।
फ़ौज और BRO की टीमों ने सख़्त मौसम और मुश्किल हालात के बावजूद बर्फ़ हटाने का काम जारी रखा। उनकी मेहनत से रज़दान टॉप के हिस्से को अस्थायी तौर पर गाड़ियों के लिए क़ाबिल-ए-रफ़्तार बनाया गया, जिससे फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित निकाला जा सका। इस दौरान यह भी यक़ीनी बनाया गया कि ज़रूरी रसद और सप्लाई अपने मुक़ाम तक पहुंच सके।
हिंदुस्तानी फ़ौज की इस पेशक़दमी और मुकम्मल तालमेल ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि वो सिर्फ़ सरहदों की हिफाज़त ही नहीं करती, बल्कि अवाम की जान-माल की सलामती के लिए हर वक़्त तैयार रहती है। बर्फ़ीले तूफ़ान जैसे मुश्किल हालात में भी फ़ौज का ये जज़्बा क़ाबिल-ए-तारीफ़ है।
गुरेज़ के सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट डॉ. मुख़्तार अहमद के मुताबिक, मौसम की ख़राब पेशगोई को देखते हुए फिलहाल सड़क पर आवाजाही बंद रखी गई है। अवाम को हिदायत दी गई है कि मौसम के बेहतर होने तक इस रास्ते से सफ़र करने से परहेज़ करें।
ये पूरी कार्रवाई इस बात का जीता-जागता सबूत है कि भारतीय सेना, BRO और स्थानीय एजेंसियों के दरमियान बेहतरीन तालमेल न सिर्फ़ राहत और बचाव में कारगर साबित होता है, बल्कि मुश्किल घड़ी में इंसानी ज़िंदगियों को बचाने में भी अहम किरदार अदा करता है।

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