श्रीनगर : दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की सदस्यता वाले गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम न्यायाधिकरण ने जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी (जे एंड के डीएफपी) को गैरकानूनी संगठन घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगाने के आदेश की पुष्टि की। जम्मू-कश्मीर डीएफपी का नेतृत्व अलगाववादी शब्बीर शाह कर रहे हैं, जो वर्तमान में नई दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। मामले की पैरवी गृह मंत्रालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और अधिवक्ता रजत नायर ने की। न्यायाधिकरण का पुष्टिकरण आदेश अब सरकार द्वारा कुछ दिनों में अधिसूचित किया जाएगा।
हाल ही में गृह मंत्रालय (एमएचए) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) न्यायाधिकरण का गठन किया है ताकि यह निर्णय लिया जा सके कि क्या जम्मू-कश्मीर डीएफपी को गैरकानूनी संगठन घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की सदस्यता से गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) न्यायाधिकरण का गठन करती है, जो यह निर्णय करेगी कि जम्मू-कश्मीर डीएफपी को गैरकानूनी संगठन घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं ।
भारत सरकार ने अक्टूबर 2023 में जम्मू-कश्मीर डीएफपी को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 की धारा 3(1) के तहत एक 'गैरकानूनी संघ' घोषित किया।

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