रोहिंग्या व्यक्ति, मानव तस्करी रैकेट का सरगना : पुलिस


बांदीपोरा, 28 नवंबर : बांदीपुरा पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक ने मंगलवार को खुलासा किया कि मानव तस्करी के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया रोहिंग्या व्यक्ति रैकेट का सरगना था।

उन्होंने कहा कि म्यांमार का मंजूर आलम, जो मूल रूप से रोहिंग्या है, बांग्लादेश शरणार्थी शिविरों से रोहिंग्या महिलाओं को जम्मू-कश्मीर ले जाकर क्षेत्र के लोगों को अवैध रूप से बेचने में शामिल था।

उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को हाजिन पुलिस स्टेशन को रोहिंग्या महिलाओं की अवैध तस्करी के बारे में विश्वसनीय जानकारी मिली थी, जिन्हें बाद में "उनसे शादी करके पैसे के बदले" क्षेत्र में विभिन्न लोगों को बेच दिया गया था।

उन्होंने कहा कि यह दो तरह से अपराध है, "पहला बांग्लादेशी शरणार्थी शिविरों से रोहिंग्या महिलाओं की भारत में अवैध घुसपैठ" और दूसरा उन्हें "दुल्हन के रूप में बेचना" जो "मानव तस्करी" के बराबर है।

उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर म्यांमार निवासी मोहम्मद इलियास के पुत्र मंजूर आलम समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एसएसपी लक्ष्य शर्मा ने कहा, “मूल रूप से, वह रोहिंग्या है तथा पूरे रैकेट का सरगना है।”

उन्होंने उक्त मामले में कहा, “दो रोहिंग्या महिलाओं को विवाहित पाया गया तथा कानून के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है, आगे की जांच जारी रहेगी।”

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