हमारा कर्तव्य मौजूदा शांति की रक्षा करना है: डीजीपी ने कश्मीर में 21 पुलिस स्टेशनों के लिए शांति तथा स्थिरता टीमों को हरी झंडी दिखाई


श्रीनगर, 2 अगस्त: पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बुधवार को कहा कि पुलिस बल का कर्तव्य जम्मू-कश्मीर में प्रचलित शांति की रक्षा करना है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक बयान में कहा गया है कि कमांडो ट्रेनिंग सेंटर (सीटीसी) लेथपोरा, अवंतीपोरा में पुलिस स्टेशनों की परिचालन क्षमताओं में वृद्धि   शांति तथा स्थिरता टीमों के परेड-सह-ध्वजांकन समारोह में डीजीपी पूरे कश्मीर में 21 पुलिस स्टेशनों में तैनाती के लिए 290 अधिकारियों तथा  कर्मचारियों वाले 21 बंकर वाहनों के अलावा सीआरपीएफ के लिए पांच निशानेबाज वाहनों को हरी झंडी दिखाई। टुकड़ियों द्वारा प्रस्तुत परेड की सलामी ली।

सीएपीएफ तथा  सेना के वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत करते हुए सिंह ने उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के लिए धन्यवाद दिया जो जम्मू-कश्मीर की बदलती स्थिति में सुधार करना चाहते हैं उन्होंने कहा कि यह पुलिस स्टेशनों को जनशक्ति आधुनिक रसद तथा संचार ड्रोन समर्थन तथा सुरक्षा अंतराल को भरने के लिए उन्नत प्रशिक्षण के साथ बढ़ाने की पहल का पहला चरण था  सिंह ने कहा कि अगले चरण में अन्य पुलिस स्टेशनों को भी इसी तरह बढ़ाया जाएगा। यह बताते हुए कि पुलिस स्टेशन लोगों के लिए संपर्क करने का पहला स्थान है उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशनों पर जनता को पुलिसिंग के माध्यम से सभी संभव सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

डीजीपी ने कहा कि कोई भी मामला हो चाहे वह अपराध हो, सत्यापन हो, कानून व्यवस्था हो, सुरक्षा हो, नागरिक कार्रवाई हो, अच्छा या बुरा समय हो, पुलिस स्टेशन लोगों के लिए सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाले होते हैं। उन्होंने कहा कि शांति तथा स्थिरता टीमों के कर्मियों को गहन प्रशिक्षण प्राप्त हुआ था इसके अलावा उनके बीच अनुशासन तथा एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए एक सप्ताह का संयुक्त प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया था सभी बलों  को उनके भविष्य के प्रयासों के सफलता लिए शुभकामनाएं दीं।

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की योजनाबद्ध साजिश के तहत लंबे समय से शांति की तलाश की जा रही है। आतंकवाद के कारण बड़ी संख्या में लोगों, पुलिस तथा सुरक्षा बलों की जान गयी है। मौजूदा शांति की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है जो महान बलिदानों के बाद हासिल की गई है बदलते परिदृश्य में लोग बेहतर जीवन जी रहे हैं। लड़के-लड़कियां अपने करियर पर फोकस कर रहे हैं। उनके जीवन की रक्षा तथा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। निकट भविष्य में जम्मू-कश्मीर के युवा हर क्षेत्र में लगन से प्रदर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि 8 से 20 अगस्त तक देश में 'मेरी मिट्टी मेरा देश, मिट्टी को नमन वीरों को वंदन' ध्येय वाक्य के साथ कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने लोगों की भूमिका की सराहना की उनके समर्थन तथा  सहयोग के बिना जम्मू-कश्मीर में सामान्य स्थिति लाना संभव नहीं था। किसी भी आतंकवादी को मारना बलों के लिए कोई खुशी की बात नहीं है आतंकवादियों के भी परिवार हैं तथा  उनके माता-पिता ने अपने बच्चों को शिक्षित करने तथा  उन्हें समृद्ध होते देखने का सपना देखा है। हमें यह भी उम्मीद है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर आज के युवा बेहतर जीवन जी सकेंगे। पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के युवाओं को पंजाब की तरह ड्रग्स का तोहफा दे रहा है। चुनौती बड़ी है तथा जहर को फैलने से रोकने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट होकर मजबूत प्रतिक्रिया का आह्वान किया।






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