
सभा को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि शिक्षा न केवल वह नींव है जिस पर हमारी सभ्यता का निर्माण हुआ है, बल्कि यह मानवता के भविष्य का वास्तुकार भी है। पीएम ने शिक्षा मंत्रियों को शेरपाओं के रूप में संदर्भित किया तथा कहा कि वे सभी के लिए विकास, शांति और समृद्धि के प्रयास में मानव जाति का नेतृत्व कर रहे हैं।
बच्चों और युवाओं के भविष्य के प्रति जी20 शिक्षा मंत्रियों की बैठक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, प्रधान मंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की समूह ने सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हरित परिवर्तन, डिजिटल परिवर्तन तथा महिला सशक्तिकरण को त्वरक के रूप में पहचाना है।
प्रधान मंत्री ने कहा, "शिक्षा इन सभी प्रयासों के मूल में है," उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैठक का परिणाम एक समावेशी, कार्य-उन्मुख तथा भविष्य के लिए तैयार शिक्षा एजेंडा होगा।
पीएम मोदी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारतीय धर्मग्रंथ आनंद लाने की कुंजी के रूप में शिक्षा की भूमिका का वर्णन करते हैं। एक संस्कृत श्लोक का पाठ करते हुए, जिसका अर्थ है 'सच्चा ज्ञान विनम्रता देता है, विनम्रता से योग्यता आती है, योग्यता से धन मिलता है, धन व्यक्ति को अच्छे कर्म करने में सक्षम बनाता है और यही खुशी लाता है।
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मूलभूत साक्षरता युवाओं के लिए एक मजबूत आधार बनाती है और भारत इसे प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा 'समझ और संख्यात्मकता के साथ पढ़ने में प्रवीणता के लिए राष्ट्रीय पहल' या 'निपुण भारत' पहल पर प्रकाश डाला तथा खुशी व्यक्त की 'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता' को जी20 द्वारा भी प्राथमिकता के रूप में पहचाना गया है। उन्होंने 2030 तक इस पर समयबद्ध तरीके से काम करने पर भी जोर दिया।

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