इसका उद्घाटन 18 जून को नील टॉप मीडोज, रामबन में डीडीसी अध्यक्ष रामबन, डॉ. शमशादा शान तथा जिला विकास आयुक्त रामबन मसरत-उल-इस्लाम द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। जम्मू संभाग के इस प्राकृतिक चमत्कार में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 दिवसीय मेगा सांस्कृतिक और साहसिक उपहार का आयोजन किया गया है।
स्थानीय रंबनी थाली नृत्य, डोगरी नृत्य, कश्मीरी नृत्य जैसे संगीतमय प्रदर्शनों के गुलदस्ते सहित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जोरदार जयकारों तथा उत्सव की धूमधाम के बीच दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जिला रामबन के स्थानीय कलाकारों ने भी सुंदर लोकनृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को बांधे रखा। सम्मानित अतिथियों ने स्थानीय कला, शिल्प को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न विभागीय स्टॉल भी खोले तथा विभिन्न लाभार्थी उन्मुख योजनाओं के बारे में जानकारीपूर्ण स्टॉल भी लगाए। नील टॉप के सुंदर मैदानों में दो दिवसीय उत्सव बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है तथा पहले दिन लगभग 15-18 हजार लोगों का जमावड़ा देखा गया।
स्थानीय लोग इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन रामबन द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति उत्साही दिखे तथा इस पहल की
सराहना कर रहे थे। पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी इस भावना को प्रतिध्वनित किया कि ऐसे प्राकृतिक रत्नों को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए इस तरह की पहल तथा प्रचार गतिविधियों के माध्यम से रोजगार सृजित किया जाएगा।
इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्य अतिथि डॉ. शमशादा शान ने कहा कि नील टॉप अछूता प्राकृतिक पर्यटन स्थल है, जो अज्ञात प्राकृतिक सुंदरता से समृद्ध है, जो पीर पंजाल रेंज की हंस राज तथा शफावोइन जैसी बर्फ से ढकी चोटियों की छाया में बसा है। उन्होंने इस तरह के मेगा प्रचार कार्यक्रमों के आयोजन में पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की, जो सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और हरी घास के मैदानों के साथ सुंदर पहाड़ों के साथ बुने हुए ऐसे स्थानीय प्राकृतिक चश्मों की खोज में मदद करते हैं।

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