'योग मानवता को भारत की सबसे बड़ी देन'

उपराज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, तनाव मुक्त तथा स्वस्थ जीवन के लिए सभी को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग, एक विश्व, एक स्वास्थ्य। इस वर्ष की थीम माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" के दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा, "योग मानवता के लिए भारत का सबसे बड़ा उपहार है तथा इसने लोगों के जीवन में खुशी लाने के लिए धर्म, संप्रदाय और भौगोलिक बाधाओं को पार किया है।"
उपराज्यपाल ने कहा कि महर्षि पतंजलि का पहला सूत्र-अब योग का अनुशासन तथा दूसरा मन की शान्ति पर, योग को समझने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान क्षण में तन-मन एक साथ, यहां अभी तनाव के स्तर को कम करने में मदद करता है, दिमागीपन लाता है तथा शारीरिक शक्ति में सुधार करता है। “महान ऋषि महर्षि पतंजलि ने लिखा है कि हमारे शरीर-मन के भीतर विकार तनाव, चिंता, शरीर में सूजन और हृदय रोगों का मुख्य कारण है। योग हमारे शरीर-मन में सामंजस्य लाता है”।
योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर-मन और प्रकृति के बीच एकता की भावना का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोकथाम पर आधारित इस समृद्ध और प्राचीन परंपरा को चिकित्सा विज्ञान तथा शोधकर्ताओं ने चिकित्सा की पारंपरिक प्रणाली की एक अनूठी और महत्वपूर्ण प्रथा के रूप में स्वीकार किया है जो सभी उम्र के लोगों के लिए जबरदस्त शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है।
उपराज्यपाल ने कहा कि योग के लिए शारीरिक तथा मानसिक दोनों तरह के अनुशासन की जरूरत होती है, ताकि शरीर और दिमाग अलग-अलग काम न करें बल्कि एकीकृत तरीके से काम करें।
आज की दुनिया में डॉक्टर बीमारी की दवा लिखते समय दीर्घकालीन स्वास्थ्य के लिए जीवनशैली में बदलाव लाने की मुफ्त और महत्वपूर्ण सलाह देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि योग वह माध्यम है जो जीवनशैली में बदलाव लाता है तथा लोगों के बीच के बंधन को मजबूत करता है।
उपराज्यपाल ने कहा कि योग ने मानवता को स्वस्थ रहने में मदद की है तथा आज दुनिया योग की ओर आकर्षित है और राष्ट्र माननीय प्रधान मंत्री का आभारी है, जो संयुक्त राष्ट्र में एक योग कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने चिकित्सा की पारंपरिक प्रणाली को बढ़ावा देने और कठुआ में होम्योपैथिक कॉलेज की स्वीकृति प्राप्त करने के प्रयासों के लिए आयुष निदेशालय, जम्मू-कश्मीर को भी बधाई दी।
जुनैद अजीम मट्टू, मेयर श्रीनगर नगर निगम; श्री राजीव राय भटनागर, उपराज्यपाल के सलाहकार; डॉ अरुण कुमार मेहता, मुख्य सचिव; श्री दिलबाग सिंह, डीजीपी; श्री धीरज गुप्ता, प्रधान सचिव, वन विभाग; डॉ मनदीप कुमार भंडारी, उपराज्यपाल के प्रधान सचिव; श्री भूपिंदर कुमार, सचिव, स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में भाग लिया।

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