अतीत से हटकर, घाटी में बड़ा बदलाव, नहीं कोई बुलेट प्रूफ शील्ड, अमित शाह के दौरे के दौरान कश्मीर में हमेशा की ही तरह चलता रहा कारोबार

गौरतलब है कि यह सब हमेशा की तरह घाटी में कारोबार के बीच हुआ, खासकर सिटी सेंटर लाल चौक, जो इस तरह के हाई प्रोफाइल दौरों पर बंद रहता था।


श्रीनगर, 6 अक्टूबर : गृह मंत्री अमित शाह ने अतीत से हट कर उत्तरी कश्मीर के बारामूला में रैली को संबोधित किया, बिना किसी बुलेट प्रूफ शील्ड के श्रीनगर शहर का दौरा भी किया, पहले इस तरह की हाई प्रोफाइल दौरों के दौरान हड़ताल जैसी स्थिति हो जाती थी। दुकाने, कारोबार बंद करवा दिया जाता था।

इसे गृह मंत्री के घाटी दौरे की सबसे बड़ी बात बताई बताया जा रही है। शाह ने बिना बुलेट प्रूफ शील्ड के बारामूला में एक बड़ी रैली को संबोधित किया और शहर के रैनावाड़ी इलाके में गुरुद्वारा छत्ती पटशाही का दौरा किया, जो कभी पथराव के लिए बदनाम था।

गौरतलब है कि यह सब हमेशा की तरह घाटी में कारोबार के बीच हुआ, खासकर सिटी सेंटर लाल चौक, जो इस तरह के हाई प्रोफाइल दौरों पर बंद रहता था। महत्वपूर्ण बदलाव घाटी में सुरक्षा स्थिति में सुधार का प्रतीक है। 

बारामूला रैली में अपने संबोधन में शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि अलगाववाद और आतंकवाद यहां खत्म हो तथा जम्मू-कश्मीर भारत का विशेष पर्यटन स्थल बन जाय। शाह ने बारामूला में कहा, "मैं लोगों से जम्मू-कश्मीर से आतंकवाद को उखाड़ फेंकने की अपील करता हूं..मोदी सरकार आतंक को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।" मंत्री ने कहा कि यह पहले एक आतंकवादी हॉटस्पॉट था और अब यह एक पर्यटक हॉटस्पॉट बन गया है।

“कश्मीर घाटी में, पहले हर साल ज्यादा से ज्यादा 6 लाख पर्यटक आते थे, जबकि इस साल अब तक 22 लाख पर्यटक आ चुके हैं। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। पहले घाटी के युवाओं के हाथ में पत्थर और बंदूकें दी जाती थीं, लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग लगाकर युवाओं को मोबाइल और लैपटॉप दिए हैं ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके। 

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