उरी में पर्यटन विकास को मिलेगी नई रफ्तार, ₹7.93 करोड़ से संवरेंगे 5 प्रमुख पर्यटन स्थल


जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बसा उरी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, नदियों और सरहदी इलाकों की खास पहचान के लिए जाना जाता है। बारामूला जिले के इस खूबसूरत क्षेत्र में पर्यटन की नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने ₹7.93 करोड़ की राशि मंजूर की है। वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्र शासित प्रदेश पूंजीगत व्यय बजट के तहत स्वीकृत यह राशि उरी के 5 प्रमुख स्थानों पर पर्यटन से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च की जाएगी। इस पहल से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों की आजीविका के लिए नए अवसर तैयार करने की उम्मीद है।

स्वीकृत योजना के तहत उरी कस्बे के विकास के लिए ₹1.50 करोड़, बोसियान-गिंगल के लिए ₹2 करोड़, मोहुरा के लिए ₹1.47 करोड़, गरकोटे के लिए ₹98 लाख और बेला बोनियार के लिए ₹1.98 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इनमें पर्यटक हट, कैफेटेरिया, पैदल घूमने और ट्रैकिंग के रास्ते, खूबसूरत नज़ारों का आनंद लेने के लिए व्यूपॉइंट तथा मनोरंजन पार्क जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।

दरअसल, कश्मीर की पहचान केवल श्रीनगर की डल झील, गुलमर्ग और पहलगाम तक सीमित नहीं है। घाटी के दूरदराज़ और सरहदी इलाकों में भी कुदरत ने अपनी खूबसूरती का भरपूर ख़ज़ाना दिया है। उरी भी उन्हीं इलाकों में से एक है, जहाँ पहाड़ों, हरियाली और शांत वातावरण के बीच पर्यटन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। आवश्यकता इस बात की है कि इन प्राकृतिक संसाधनों को बेहतर सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास के साथ जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इन स्थानों तक पहुँच सकें।

इन परियोजनाओं का एक अहम पहलू स्थानीय आबादी के लिए आर्थिक अवसरों का विस्तार भी है। जब किसी क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है, तो होटल, होमस्टे, खाने-पीने की दुकानें, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं की माँग भी बढ़ सकती है। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। हालाँकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि परियोजनाएँ किस तरह पूरी होती हैं और स्थानीय लोगों की भागीदारी कितनी सुनिश्चित की जाती है।

उरी के नौजवानों के लिए भी यह एक अच्छा अवसर हो सकता है कि वे अपने इलाके की खूबसूरती को अपनी ताकत बनाकर आगे आएँ। युवा पर्यटन से जुड़े प्रशिक्षण हासिल कर सकते हैं और स्थानीय संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प तथा प्राकृतिक विरासत को पर्यटकों तक पहुँचाने में भूमिका निभा सकते हैं। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह भी स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकते हैं।

साथ ही, पर्यटन विकास के दौरान पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति की हिफाज़त करना भी उतना ही ज़रूरी है। पहाड़ों, जंगलों और जलस्रोतों को स्वच्छ रखना तथा विकास कार्यों में स्थानीय समुदाय की राय को महत्व देना इस पहल को टिकाऊ बनाने में मदद करेगा।

कश्मीर के लोगों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि तरक्की के रास्ते केवल बड़े शहरों से होकर नहीं गुजरते, बल्कि उरी जैसे छोटे और दूरदराज़ इलाकों में भी विकास की बड़ी संभावनाएँ मौजूद हैं। ₹7.93 करोड़ की यह मंजूरी उन संभावनाओं को बुनियादी सुविधाओं में बदलने की दिशा में एक कदम है। यदि सरकार, स्थानीय प्रशासन और अवाम मिलकर इस अवसर का सही इस्तेमाल करें, तो उरी आने वाले समय में पर्यटन के एक नए आकर्षण के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर सकता है। कश्मीर की असली तरक्की तभी मुकम्मल होगी, जब विकास का फायदा घाटी के हर इलाके और हर परिवार तक पहुँचे।

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