इंडिया ट्रैवल मार्ट गोवा 2026 में जम्मू-कश्मीर को मिला सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गंतव्य का सम्मान


जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक और खुशखबरी सामने आई है। अपनी बेमिसाल प्राकृतिक खूबसूरती, हसीन वादियों, बर्फ से ढके पहाड़ों, झीलों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए दुनिया भर में मशहूर जम्मू-कश्मीर को इंडिया ट्रैवल मार्ट गोवा 2026 में 'बेस्ट टूरिस्ट डेस्टिनेशन अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान न केवल जम्मू-कश्मीर के पर्यटन विभाग की कोशिशों की सराहना है, बल्कि यहां के लोगों, पर्यटन कारोबार से जुड़े परिवारों और नौजवानों के लिए भी एक नई उम्मीद और हौसले का पैगाम है।

इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की ओर से कश्मीर के उप निदेशक पर्यटन प्रचार राशिद रैना और जम्मू के उप निदेशक पर्यटन प्रचार पंकज सासन ने प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय पर्यटन बाजार में जम्मू-कश्मीर की पहचान को और मजबूत किया है। साथ ही यह भी साबित किया है कि जम्मू-कश्मीर अपने पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की सलाहियत रखता है।

आईटीएम गोवा 2026 के दौरान लगाए गए जम्मू-कश्मीर पर्यटन मंडप ने गोवा के ट्रैवल ट्रेड और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का खास ध्यान अपनी ओर खींचा। यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रा कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न पर्यटन स्थलों, स्थानीय संस्कृति, प्राकृतिक नजारों और एडवेंचर टूरिज्म के बारे में दिलचस्पी दिखाई। पर्यटन अधिकारियों ने भी विभिन्न प्रतिनिधियों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें जम्मू-कश्मीर में उपलब्ध पर्यटन सुविधाओं तथा नए अनुभवों से रूबरू कराया।

जम्मू-कश्मीर की असली खूबसूरती सिर्फ डल झील, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के दूरदराज इलाकों, पहाड़ी गांवों, ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय खान-पान में भी पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। वादी के हर इलाके की अपनी एक अलग पहचान और खूबसूरत कहानी है। यही विविधता जम्मू-कश्मीर को देश के दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग बनाती है।

इस कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर में जल क्रीड़ा और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अहम पहल की। आईटीएम गोवा के अवसर पर प्रतिनिधियों ने गोवा स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स का दौरा किया। इस दौरे का मकसद संस्थागत सहयोग की संभावनाओं को तलाशना और जम्मू-कश्मीर में जल क्रीड़ा गतिविधियों को विकसित करने के लिए नए रास्ते तलाशना था। इससे भविष्य में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यह बात भी काबिलेगौर है कि पर्यटन जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। होटल कारोबारियों, शिकारा चालकों, हाउसबोट मालिकों, टैक्सी चालकों, स्थानीय दुकानदारों, हस्तशिल्प कारीगरों और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी काफी हद तक इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाली पहचान का सीधा फायदा स्थानीय लोगों तक पहुंच सकता है।

इस पुरस्कार से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को देशभर में और अधिक पहचान मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन विभाग को नए साझेदार बनाने, निवेश आकर्षित करने और पूरे साल पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

आज जरूरत इस बात की है कि जम्मू-कश्मीर का हर नागरिक इस उपलब्धि को अपनी कामयाबी समझे और मेहमाननवाजी, सफाई, बेहतर सेवाओं तथा आपसी सहयोग के जरिए इस पहचान को और मजबूत बनाए। वादी की असली ताकत इसकी खूबसूरती के साथ-साथ यहां के लोगों की मोहब्बत, मेहमाननवाजी और जिंदादिली है। आईटीएम गोवा 2026 का यह सम्मान इसी खूबसूरत पहचान को देश के सामने और बुलंद करने की एक नई शुरुआत है।

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