मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के मुताबिक, सोनमर्ग को साल भर पर्यटन के लिए तैयार करने के लिए मौसम के हिसाब से अलग-अलग गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। गर्मियों में सैलानियों के लिए रिवर राफ्टिंग जैसी रोमांचक सरगर्मियां आकर्षण का मरकज़ बनेंगी, जबकि सर्दियों में स्कीइंग, स्केटिंग और दूसरे विंटर स्पोर्ट्स को फ़रोग़ देने पर तवज्जो दी जाएगी। इससे सोनमर्ग आने वाले लोगों को हर मौसम में कुछ नया देखने और करने का मौक़ा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि नई सुरंग की वजह से सर्दियों के महीनों में सोनमर्ग तक पहुंचना पहले के मुक़ाबले आसान हुआ है। बर्फ़बारी और कड़ाके की ठंड के दौरान आवाजाही में पेश आने वाली मुश्किलों को कम करने में इस सुरंग की अहम भूमिका है। बेहतर संपर्क सुविधा से उम्मीद की जा रही है कि सोनमर्ग में सर्दियों के दौरान भी सैलानियों की आमद बढ़ेगी और यह इलाका सिर्फ़ गर्मियों की सैरगाह बनकर नहीं रहेगा।
सरकार की इस योजना का मक़सद सोनमर्ग की कुदरती ख़ूबसूरती को पर्यटन की एक साल भर चलने वाली गतिविधि में बदलना है। आम तौर पर कश्मीर के कई पर्यटन मुक़ाम गर्मियों में सैलानियों से गुलज़ार रहते हैं, लेकिन सर्दियों में पर्यटन गतिविधियों में कमी आ जाती है। सोनमर्ग में विंटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर इस रुझान को बदलने की कोशिश की जा रही है, ताकि पर्यटन कारोबार को लगातार फ़ायदा पहुंच सके।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इस सिलसिले में गांदरबल के स्थानीय विधायक मियां मेहर अली के साथ मिलकर काम किया जाएगा। स्थानीय नुमाइंदों के साथ तालमेल का मक़सद इलाके की ज़रूरतों को समझते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाना और यह यक़ीनी बनाना है कि पर्यटन से होने वाले फ़ायदे स्थानीय आबादी तक भी पहुंचें।
गौरतलब है कि गांदरबल ज़िले में लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी आग़ाज़ किया गया या उन्हें जनता के लिए खोला गया। इन परियोजनाओं को इलाके में बुनियादी सहूलियतों और विकास के कामों को आगे बढ़ाने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचा पर्यटन के लिए भी मददगार साबित हो सकता है, क्योंकि सैलानियों की बढ़ती तादाद के साथ सड़क संपर्क, सार्वजनिक सुविधाओं और दूसरी ज़रूरी सहूलियतों की अहमियत भी बढ़ जाती है।
सोनमर्ग में साल भर पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय दुकानदारों, होटल और गेस्ट हाउस संचालकों, टैक्सी चालकों, गाइडों तथा दूसरे छोटे कारोबारियों को फ़ायदा पहुंचने की उम्मीद है। अगर गर्मियों और सर्दियों, दोनों मौसमों में सैलानियों की आमद बनी रहती है, तो स्थानीय लोगों को रोज़गार के लिए एक ही मौसम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे नौजवानों के लिए भी आमदनी के नए मौक़े पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, इस योजना को कामयाब बनाने के लिए विंटर स्पोर्ट्स की बेहतर सुविधाएं, सुरक्षा इंतज़ाम, प्रशिक्षित स्टाफ़ और पर्यावरण की हिफ़ाज़त पर भी ध्यान देना ज़रूरी होगा। सोनमर्ग की कुदरती ख़ूबसूरती को बरक़रार रखते हुए पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना ही इस पहल की असल कामयाबी होगी।
सरकार की इस कोशिश से उम्मीद है कि सोनमर्ग आने वाले समय में गर्मियों की हरियाली और सर्दियों की बर्फ़ीली वादियों, दोनों के लिए मशहूर होगा। अगर योजनाओं को प्रभावी ढंग से अमल में लाया गया, तो इससे गांदरबल की अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलने के साथ-साथ कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को भी एक नई पहचान मिल सकती है।


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