गांदरबल के सेहपोरा में योगासन चैंपियनशिप का समापन, 400 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम


कश्मीर घाटी में खेलों के मैदान पर नौजवानों की बढ़ती दिलचस्पी और हुनर ने एक बार फिर अपनी मिसाल पेश की है। गांदरबल के सेहपोरा स्थित इंडोर स्पोर्ट्स हॉल में आयोजित सातवीं जम्मू-कश्मीर यूटी लेवल योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-कम-ट्रायल 2026-27 का 7 अक्टूबर को कामयाबी के साथ समापन हुआ। 5 अक्टूबर से शुरू हुए इस तीन दिवसीय खेल आयोजन में जम्मू-कश्मीर के 19 जिलों से तकरीबन 400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपनी काबिलियत, मेहनत और खेल के प्रति लगन का शानदार मुज़ाहिरा किया।

जम्मू-कश्मीर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन की ओर से जम्मू-कश्मीर स्पोर्ट्स काउंसिल के सहयोग से आयोजित इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों ने योगासन के अलग-अलग मुकाबलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने साबित किया कि कश्मीर के नौजवान सिर्फ क्रिकेट और फुटबॉल तक महदूद नहीं हैं, बल्कि योगासन जैसे अनुशासन, एकाग्रता और शारीरिक संतुलन पर आधारित खेलों में भी अपनी पहचान बनाने की सलाहियत रखते हैं।

चैंपियनशिप में टायोबा नाज़िर को बेस्ट फीमेल प्लेयर के खिताब से नवाज़ा गया, जबकि बडगाम के बिलाल डार को बेस्ट मेल प्लेयर चुना गया। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धि इस बात की तरफ इशारा करती है कि घाटी में लड़कियां और लड़के खेल के अलग-अलग मैदानों पर आगे बढ़ने के लिए मेहनत कर रहे हैं। खास तौर पर टायोबा नाज़िर की कामयाबी उन लड़कियों के लिए हौसला-अफ़ज़ाई का पैगाम है, जो अपने हुनर को पहचान दिलाना चाहती हैं और खेल के जरिए आगे बढ़ने का ख्वाब देखती हैं।

इस तरह के मुकाबले खिलाड़ियों को अपनी काबिलियत साबित करने का मौका देने के साथ-साथ उन्हें बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में भी अहम किरदार अदा करते हैं। यूटी स्तर पर आयोजित ट्रायल के जरिए खिलाड़ियों को आगे अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के रास्ते मिल सकते हैं। इससे घाटी के उन नौजवानों को भी उम्मीद मिलती है, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन उसे सामने लाने के लिए बेहतर मंच और मौके की जरूरत होती है।

कार्यक्रम में 24 राष्ट्रीय राइफल्स, गांदरबल के कमांडिंग ऑफिसर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने आयोजन की अहमियत को और बढ़ाया। हालांकि, इस चैंपियनशिप की असल कामयाबी उन सैकड़ों खिलाड़ियों की शिरकत में दिखाई दी, जिन्होंने अलग-अलग जिलों से पहुंचकर खेल के प्रति अपने जज़्बे का इज़हार किया।

कश्मीर में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों की अहमियत लगातार बढ़ रही है। योगासन केवल जिस्मानी कसरत तक महदूद नहीं, बल्कि यह एकाग्रता, सब्र, अनुशासन और मानसिक संतुलन को भी मजबूत करने का जरिया है। ऐसे में नौजवानों को इस खेल की तरफ रागिब करना उनकी सेहत और सकारात्मक सरगर्मियों, दोनों के लिहाज़ से फायदेमंद साबित हो सकता है।

सेहपोरा में तीन दिनों तक जारी रहने वाली इस चैंपियनशिप ने यह पैगाम दिया कि अगर स्थानीय खिलाड़ियों को सही रहनुमाई, नियमित प्रशिक्षण और मुकाबले के बेहतर मौके मिलें, तो वे अपनी प्रतिभा को बड़े मंच तक पहुंचा सकते हैं। 19 जिलों से करीब 400 खिलाड़ियों की भागीदारी इस बात की गवाह है कि जम्मू-कश्मीर में योगासन के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है।

टायोबा नाज़िर और बिलाल डार की कामयाबी के साथ संपन्न हुई यह चैंपियनशिप घाटी के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। अब जरूरत इस बात की है कि इस जज़्बे को लगातार सहारा दिया जाए, ताकि कश्मीर के नौजवान अपनी मेहनत और हुनर के दम पर यूटी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान कायम कर सकें।

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