फेस्ट के दौरान छात्रों को CLAT, NEET, JEE, UPSC और CDS समेत मुख्तलिफ़ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में कामयाबी के लिए शुरुआती दौर से सही दिशा में तैयारी, विषयों की मजबूत बुनियाद और लगातार मेहनत अहम किरदार अदा करती है। इसके साथ ही उन्हें उच्च तालीम और मुख्तलिफ़ पेशेवर क्षेत्रों में मौजूद करियर के विकल्पों से भी वाकिफ कराया गया।
कार्यक्रम में करियर काउंसलिंग को खास अहमियत दी गई। छात्रों को अपनी दिलचस्पी, काबिलियत और तालीमी रुझान के मुताबिक करियर का चुनाव करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कुपवाड़ा जैसे सरहदी जिले के छात्रों के लिए इस तरह के कार्यक्रम तालीम के साथ-साथ देश और समाज के लिए अपनी सलाहियतों को इस्तेमाल करने के नए रास्ते खोल सकते हैं। करियर से जुड़ी सही जानकारी हासिल होने से छात्रों को अपनी पढ़ाई और मुस्तक़बिल के बारे में बेहतर फैसले लेने में मदद मिल सकती है।
फेस्ट के दौरान लेडी अधिकारियों ने भी छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने विद्यार्थियों के सवाल सुने और उन्हें मुख्तलिफ़ करियर विकल्पों पर गौर करने के लिए हौसला दिया। बातचीत के दौरान छात्रों को भारतीय सेना में करियर के मौकों के बारे में भी जानकारी दी गई और उन्हें इस क्षेत्र को एक संभावित करियर विकल्प के तौर पर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया गया। महिला अधिकारियों की बातचीत खास तौर पर छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायक रही, क्योंकि इससे उन्हें सुरक्षा सेवाओं और दूसरे पेशेवर क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावनाओं से रूबरू होने का मौका मिला।
कार्यक्रम में नौजवानों की रचनात्मक और सकारात्मक भागीदारी पर भी जोर दिया गया। छात्रों को बताया गया कि तालीम सिर्फ इम्तिहान पास करने तक महदूद नहीं है, बल्कि यह इंसान की सोच, सलाहियत और समाज में उसके किरदार को मजबूत करने का जरिया भी है। करियर गाइडेंस के ऐसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को अपनी काबिलियत पहचानने और सही दिशा में मेहनत करने में मदद कर सकते हैं।
कुपवाड़ा में आयोजित इस मेगा करियर फेस्ट को छात्रों तक तालीमी और पेशेवर जानकारी पहुंचाने की एक अहम कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। करीब 500 छात्रों की शिरकत इस बात को जाहिर करती है कि वादी के सरहदी इलाकों में भी नौजवान अपने मुस्तक़बिल को लेकर जागरूक हैं और उन्हें सही रहनुमाई के प्लेटफॉर्म की जरूरत है। ऐसे कार्यक्रम तालीम, करियर काउंसलिंग और नौजवानों के साथ रचनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देकर उन्हें अपने ख्वाबों को हकीकत में बदलने की राह दिखा सकते हैं।


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