श्रीनगर: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ अब विदेशों में रह रहे कश्मीरी समुदाय की आवाज भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में Overseas Friends of the Awami Action Committee ने अगस्त में यूरोप के दो प्रमुख शहरों में एकजुटता कार्यक्रमों का ऐलान किया है। आयोजकों के मुताबिक, पहला विरोध प्रदर्शन 21 अगस्त 2026 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र से जुड़े स्थल के बाहर किया जाएगा, जबकि 30 अगस्त को इटली के ट्यूरिन (Torino) में Peaceful Solidarity March निकाला जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों का मकसद PoJK में लोगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना और पाकिस्तान की सुरक्षा तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करना है। जिनेवा में प्रस्तावित प्रदर्शन का महत्व इसलिए भी ज्यादा माना जा रहा है क्योंकि शहर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कई प्रमुख संगठनों का केंद्र है।
ट्यूरिन में होने वाला मार्च भी इसी अभियान का विस्तार बताया जा रहा है। Overseas Friends of the Awami Action Committee की ओर से इसे शांतिपूर्ण एकजुटता मार्च के तौर पर पेश किया गया है, जिसमें विदेशों में रह रहे PoJK मूल के लोग और समर्थक क्षेत्र के लोगों के अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
PoJK में पिछले कुछ वर्षों में महंगाई, बिजली की कीमतों, संसाधनों पर स्थानीय अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नागरिक अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला देखने को मिला है। Joint Awami Action Committee (JAAC) से जुड़े आंदोलनों के दौरान कई बार प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी सामने आया। मानवाधिकार संगठनों ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन, अभिव्यक्ति की आजादी और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर चिंताएं दर्ज की हैं।
इसी पृष्ठभूमि में विदेशों में होने वाले ये कार्यक्रम PoJK मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण की कोशिश के रूप में देखे जा सकते हैं। प्रवासी समुदाय अब केवल स्थानीय स्तर पर अपनी नाराजगी जाहिर करने के बजाय यूरोप के प्रमुख शहरों में प्रदर्शन और जन-जागरूकता अभियानों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा है।
हाल के समय में PoJK से जुड़े प्रवासी समूहों की गतिविधियां अमेरिका और यूरोप तक भी पहुंची हैं। जुलाई 2026 में Overseas Friends of JAAC की ओर से न्यूयॉर्क स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन का आह्वान भी किया गया था।
जिनेवा और ट्यूरिन के प्रस्तावित कार्यक्रम इस अभियान को और व्यापक रूप दे सकते हैं। आयोजकों का दावा है कि इनका संदेश साफ है: PoJK में मानवाधिकार, नागरिक स्वतंत्रता और जवाबदेही के सवालों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार उठाया जाएगा। बढ़ती प्रवासी लामबंदी पाकिस्तान के लिए यह भी संकेत है कि PoJK से जुड़े असंतोष की आवाज अब केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विदेशों में बसे समुदाय के बीच भी इसका असर दिखाई दे रहा है।

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