KPK में JeM की ट्रेनिंग का दावा, JUI-F के कवर इस्तेमाल का आरोप; बच्चों तक पहुंचा आतंकी नेटवर्क

 


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) की गतिविधियों को लेकर गंभीर दावे सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि KPK के कई जिलों में JeM से जुड़े कैडरों को हथियार चलाने और अन्य सैन्य गतिविधियों की ट्रेनिंग दी जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में JeM के झंडे दिखाई दे रहे  है।

रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप यह है कि JeM से जुड़े कथित कमांडर और प्रशिक्षक अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (JUI-F) के सामाजिक और धार्मिक नेटवर्क का कथित तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। दावा है कि ऐसा करके प्रतिबंधित संगठन अंतरराष्ट्रीय निगरानी और विशेष रूप से आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़ी जांच से बचने की कोशिश कर सकता है। इस दावे में मौलाना फजलुर रहमान का नाम भी लिया गया है, लेकिन उनके व्यक्तिगत रूप से JeM की कथित ट्रेनिंग गतिविधियों में शामिल होने का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।

KPK में JUI-F और फजलुर रहमान की राजनीतिक मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। जून 2026 में KPK सरकार और JUI-F के बीच प्रांतीय अधिकारों तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बातचीत भी हुई थी। दूसरी ओर, JeM पाकिस्तान में प्रतिबंधित आतंकी संगठन है और उसके नेटवर्क को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती रही है।

इन दावों का सबसे चिंताजनक हिस्सा कम उम्र के बच्चों को कथित तौर पर इस प्रशिक्षण माहौल में लाए जाने से जुड़ा है। यदि यह आरोप स्वतंत्र जांच में सही साबित होता है, तो यह केवल आतंकी संगठनों की गतिविधियों का मामला नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के कट्टरपंथीकरण और उन्हें हिंसक नेटवर्क में शामिल करने का गंभीर मामला बन जाएगा।

ऐसी गतिविधियां यदि प्रमाणित होती हैं तो पाकिस्तान के आतंकवाद के वित्तपोषण और प्रतिबंधित संगठनों पर कार्रवाई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय दावों पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। FATF की प्रक्रिया में आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकना और प्रतिबंधित नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां भी KPK में आतंकवाद-रोधी और आतंकवादी वित्तपोषण से निपटने के लिए क्षमता निर्माण पर काम कर चुकी हैं।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि अगर JeM जैसे संयुक्त राष्ट्र-नामित आतंकी संगठन के कैडर वास्तव में KPK में खुले तौर पर प्रशिक्षण गतिविधियां चला रहे हैं, तो पाकिस्तानी सुरक्षा और प्रशासनिक तंत्र उन्हें रोकने में क्यों विफल है

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