रोज़गार मेले में बड़ी तादाद में तालीमयाफ़्ता और हुनरमंद नौजवानों ने शिरकत की। मुख़्तलिफ़ कंपनियों और रोज़गार देने वाले इदारों ने उम्मीदवारों से बराह-ए-रास्त मुलाक़ात की, उनके इंटरव्यू लिए और उनकी सलाहियत के मुताबिक़ रोज़गार के मौक़े पेश किए। इसके अलावा करियर काउंसिलिंग, स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता और ख़ुद का कारोबार शुरू करने से मुताल्लिक़ भी अहम रहनुमाई दी गई, ताकि नौजवान सिर्फ़ नौकरी तलाश करने वाले नहीं बल्कि रोज़गार पैदा करने वाले भी बन सकें।
इंतिज़ामिया का कहना है कि मिशन युवा का बुनियादी मक़सद जम्मू-कश्मीर के नौजवानों को उनकी सलाहियत के मुताबिक़ बेहतर मौक़े फ़राहम करना, उन्हें हुनर से लैस करना और रोज़गार के नए ज़राए तक उनकी रसाई आसान बनाना है। इसी सोच के तहत वादी के मुख़्तलिफ़ इलाक़ों में ऐसे रोज़गार मेलों का सिलसिला जारी है, जिससे नौजवानों को अपने ही इलाक़े में बेहतर करियर के इम्कानात हासिल हो रहे हैं।
मेले में शिरकत करने वाले कई नौजवानों ने इस पहल का इस्तेक़बाल करते हुए कहा कि पहले उन्हें नौकरी के मौक़ों और कंपनियों तक पहुँचने में कई मुश्किलात पेश आती थीं, लेकिन अब ऐसे प्लेटफ़ॉर्म उनकी राह आसान बना रहे हैं। उनका कहना था कि एक ही जगह पर कई कंपनियों से मुलाक़ात, इंटरव्यू और करियर से जुड़ी रहनुमाई मिलना उनके लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित हो रहा है।
माहिरीन का मानना है कि रोज़गार के ऐसे मौक़े नौजवानों में ख़ुद-एतमादी पैदा करते हैं और उन्हें अपनी सलाहियत को सही दिशा में इस्तेमाल करने का मौक़ा देते हैं। स्किल डेवलपमेंट और रोज़गार से जुड़ी सरकारी योजनाएँ वादी के नौजवानों को तरक़्क़ी की मुख्यधारा से जोड़ रही हैं और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए मज़बूत बुनियाद फ़राहम कर रही हैं।
गुज़िश्ता कुछ बरसों में जम्मू-कश्मीर में रोज़गार, हुनरमंदी, स्टार्टअप, सेल्फ़-एम्प्लॉयमेंट और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई अहम क़दम उठाए गए हैं। मिशन युवा भी इन्हीं कोशिशों की एक अहम कड़ी है, जिसका मक़सद नौजवानों को सिर्फ़ रोज़गार देना नहीं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और नई सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है। इससे वादी में तरक़्क़ी, अमन और खुशहाली का पैग़ाम भी मज़बूत हो रहा है।
मुक़ामी लोगों का कहना है कि जब नौजवानों को तालीम, हुनर और रोज़गार के बेहतर मौक़े मिलते हैं तो पूरा समाज तरक़्क़ी की राह पर गामज़न होता है। ऐसे प्रोग्राम नौजवानों की तवानाई को सही दिशा देने के साथ-साथ उन्हें एक रोशन और महफ़ूज़ मुस्तक़बिल की तरफ़ ले जाते हैं।
मिशन युवा के तहत अनंतनाग में आयोजित यह रोज़गार मेला इस बात की वाज़ेह मिसाल है कि सरकार और ज़िला इंतिज़ामिया वादी के नौजवानों को सशक्त बनाने, रोज़गार के नए मौक़े पैदा करने और हुनर आधारित अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए पूरी संजीदगी से काम कर रहे हैं। यह पहल इस पैग़ाम को भी मज़बूती देती है कि अमन, तरक़्क़ी और रोज़गार एक-दूसरे के हमराह हैं और एक विकसित, आत्मनिर्भर तथा खुशहाल कश्मीर की तामीर में नौजवान सबसे अहम किरदार अदा करेंगे।


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