इस मेडिकल कैंप में कुल 873 लोगों ने फ़ायदा उठाया। इनमें बुज़ुर्ग, ख़वातीन, बच्चे और दूसरे स्थानीय अफ़राद शामिल रहे। डॉक्टरों की टीम ने तमाम मरीज़ों का मुफ़्त मेडिकल मुआयना किया, ज़रूरी जाँचें कीं और उनकी बीमारी के मुताबिक़ दवाइयाँ भी मुफ़्त फ़राहम कीं। साथ ही लोगों को बेहतर सेहत, साफ़-सफ़ाई, बच्चों की देखभाल, मौसमी बीमारियों से बचाव और तंदुरुस्त ज़िंदगी से जुड़ी अहम मालूमात भी दी गईं।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का गर्मजोशी से इस्तक़बाल किया। उनका कहना था कि पहाड़ी और दुर्गम इलाक़ों में अक्सर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचना आसान नहीं होता। ऐसे में गाँव के क़रीब लगाए गए मेडिकल कैंप ने न सिर्फ़ उनका वक़्त और सफ़र बचाया, बल्कि उन्हें बिना किसी आर्थिक बोझ के इलाज की सहूलियत भी मुहैया कराई। कई लोगों ने कहा कि इस तरह की मुहिम से दूरदराज़ बस्तियों के लोगों को नई उम्मीद और भरोसा मिलता है।
मेडिकल कैंप में मौजूद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों का ब्लड प्रेशर, शुगर और दूसरी आम बीमारियों की जाँच की। जिन मरीज़ों को आगे इलाज की ज़रूरत महसूस हुई, उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए उचित सलाह और मार्गदर्शन भी दिया गया। बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत पर ख़ास तवज्जो दी गई ताकि किसी भी बीमारी की जल्द पहचान कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
इस मुश्तरका मेडिकल कैंप ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारतीय सेना केवल सरहदों की हिफ़ाज़त तक महदूद नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की भलाई और उनकी ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए भी लगातार काम कर रही है। प्राकृतिक आपदाओं, इमरजेंसी हालात, शिक्षा, खेल, राहत कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं में सेना की भागीदारी ने वादी के कई इलाक़ों में भरोसे और आपसी तालमेल को मज़बूत करने में अहम किरदार अदा किया है।
इलाके के कई बुज़ुर्गों और सामाजिक नुमाइंदों ने इस इंसानी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेडिकल कैंप समाज के हर तबक़े तक राहत पहुँचाने का बेहतरीन ज़रिया हैं। उनका कहना था कि जब ज़रूरतमंद लोगों को उनके घर के क़रीब ही मुफ़्त इलाज और दवाइयाँ मिलती हैं तो इससे न सिर्फ़ उनकी मुश्किलें कम होती हैं, बल्कि सरकारी संस्थानों और सुरक्षा बलों के प्रति एतिमाद भी बढ़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी पहुँच ग्रामीण और सीमावर्ती इलाक़ों में सामाजिक बेहतरी का अहम हिस्सा है। नियमित स्वास्थ्य जाँच, समय पर इलाज और लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने से अनेक गंभीर बीमारियों की रोकथाम भी मुमकिन हो सकती है।
अल्लाचीज़ाब में आयोजित यह मुश्तरका मेडिकल कैंप इस बात की मिसाल है कि इंसानी ख़िदमत, रहमदिली और अवाम की भलाई को तरजीह देकर अमन, भरोसे और तरक़्क़ी की राह को और मज़बूत बनाया जा सकता है। मुफ़्त इलाज को लोगों की दहलीज़ तक पहुँचाने की यह कोशिश कश्मीर में सामाजिक हमआहंगी, नागरिक-फ़ौज रिश्तों और साझा तरक़्क़ी के पैग़ाम को और मजबूती देती है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद ज़ाहिर की कि भविष्य में भी इस तरह की जनकल्याणकारी पहलें जारी रहेंगी ताकि दूरदराज़ इलाक़ों के हर परिवार तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकें।


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