शोपियां में सिक्योरिटी फोर्सेज़ की बड़ी कामयाबी, विस्फोटक और आतंकी सामग्री बरामद


कश्मीर के शोपियां जिले से एक अहम खबर सामने आई है, जहां सिक्योरिटी फोर्सेज़ ने वक्त रहते कार्रवाई करते हुए एक संभावित आतंकी साज़िश को नाकाम बना दिया है। खुफिया मालूमात के आधार पर चलाए गए एक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन के दौरान तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनके कब्जे से विस्फोटक समेत कई आपत्तिजनक चीजें बरामद हुई हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, शोपियां के पुदसू इलाके के बेगम गांव में सिक्योरिटी फोर्सेज़ को कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद इलाके को चारों तरफ से घेर कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। तलाशी के दौरान तीन स्थानीय निवासियों को हिरासत में लिया गया। इनके पास से दो ग्रेनेड, करीब ढाई किलोग्राम पीईके विस्फोटक, हिजबुल मुजाहिदीन के चार पोस्टर और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

अहलकारों का कहना है कि बरामद किया गया विस्फोटक काफी खतरनाक है और इसका इस्तेमाल किसी बड़े आतंकी हमले में किया जा सकता था। मगर सिक्योरिटी फोर्सेज़ की मुस्तैदी और तेजी से की गई कार्रवाई ने आतंकियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन संदिग्धों के तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए हैं और इनके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों ने आतंकियों के नेटवर्क को काफी कमजोर किया है। सिक्योरिटी एजेंसियां अब केवल आतंकियों को पकड़ने या मार गिराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन पूरे तंत्रों को निशाना बना रही हैं जो किसी न किसी रूप में आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। चाहे वह हथियारों की सप्लाई हो, विस्फोटकों का जखीरा हो या फिर कट्टरपंथी प्रचार सामग्री, हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।

बेगम गांव में हुई यह कार्रवाई भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टरों की बरामदगी इस बात की तरफ इशारा करती है कि कुछ तत्व अब भी युवाओं को गुमराह करने और आतंकवाद की विचारधारा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सिक्योरिटी फोर्सेज़ का साफ संदेश है कि ऐसे किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बहरहाल, इस पूरे ऑपरेशन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार और सिक्योरिटी एजेंसियों की नीति पूरी तरह स्पष्ट है – दहशतगर्दी के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस। जो लोग घाटी की अमन और तरक्की को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने भी इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि इलाके में अमन-ओ-अमान कायम रहे। दरअसल, जब आतंक के पूरे इकोसिस्टम को निशाना बनाया जाता है, तभी स्थायी शांति की राह आसान होती है।

यही वजह है कि सिक्योरिटी फोर्सेज़ का यह सफल ऑपरेशन सिर्फ तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी या विस्फोटकों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक मुहिम का हिस्सा है जिसका मकसद आतंकवाद की जड़ों को पूरी तरह खत्म करना है। दक्षिण कश्मीर में अमन, सुरक्षा और विकास को बनाए रखने के लिए ऐसी मुस्तैदी आने वाले समय में भी जारी रहने की उम्मीद है।

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