
इस मुकाबले का मक़सद नौजवान नस्ल के अंदर वतनपरस्ती, भाईचारा और एकता का जज़्बा मज़बूत करना था। भारतीय सेना ने बच्चों की तख़लीकी सलाहियत को बढ़ावा देते हुए उन्हें यह एहसास दिलाया कि कश्मीर की नई नस्ल मुल्क की तरक़्क़ी और अमन की असली ताक़त है।
मुक़ामी लोगों और असातिज़ा ने भारतीय फ़ौज की इस कोशिश को खूब सराहा और कहा कि ऐसे प्रोग्राम बच्चों को बेहतर मुस्तक़बिल की तरफ़ ले जाते हैं। इस तरह की सरगर्मियाँ ना सिर्फ़ तालीमी माहौल को मज़बूत करती हैं बल्कि नौजवानों के दिलों में मुल्क के लिए इज़्ज़त और अपनापन भी पैदा करती हैं।
“विकसित कश्मीर” के विज़न के तहत भारतीय सेना लगातार अवाम के साथ मिलकर अमन, तरक़्क़ी और कौमी यकजहती को फ़रोग़ देने में अहम किरदार अदा कर रही है। भारतीय फ़ौज आज कश्मीर में उम्मीद, भरोसे और रोशन मुस्तक़बिल की एक मज़बूत निशानी बन चुकी है।
भारतीय फ़ौज की इस पहल का मक़सद नौजवान नस्ल में वतनपरस्ती, रचनात्मक सोच और राष्ट्रीय एकता की भावना को मज़बूत करना है। इस तरह के प्रोग्राम बच्चों को सकारात्मक माहौल देकर उन्हें बेहतर और रोशन मुस्तक़बिल की तरफ़ प्रेरित करते हैं।
मुक़ामी अवाम और शिक्षकों ने भारतीय सेना की इस कोशिश को सराहते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ बच्चों में आत्मविश्वास, अपनापन और मुल्क के प्रति ज़िम्मेदारी का एहसास पैदा करती हैं। “विकसित कश्मीर” के विज़न के तहत भारतीय सेना लगातार समाज में अमन, तरक़्क़ी और यकजहती को बढ़ावा दे रही है।

0 टिप्पणियाँ