जंग का फ़ायदा फ़ौज को, क़ीमत आवाम अदा कर रही है — पाकिस्तान में इक्तिसादी शोषण का सनसनीखेज़ खुलासा


पाकिस्तान में जारी ताज़ा हालात के दरमियान एक बार फिर मुल्क की फ़ौज पर संगीन इल्ज़ामात सामने आए हैं। मशहूर जर्नलिस्ट इमरान रियाज़ ख़ान के मुताबिक़, जहां दुनिया के दूसरे मुल्क जंग जैसे मुश्किल वक़्त में अपनी आवाम को राहत देने की कोशिश करते हैं, वहीं पाकिस्तान की फ़ौज ने इस हालात को मुनाफ़ा कमाने का ज़रिया बना लिया है।

रिपोर्ट्स इशारा करती हैं कि मौजूदा तनाज़े के दौरान पाकिस्तान की मिलिट्री ने माली तौर पर सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाया है। दूसरी तरफ़, आम पाकिस्तानी शहरी—जो पहले ही महंगाई, बेरोज़गारी और बुनियादी सहूलतों की कमी से जूझ रहा है—उस पर टैक्स और क़र्ज़ों का बोझ और बढ़ा दिया गया है। ये हालात मुल्क में करप्शन के नए रिकॉर्ड कायम कर रहे हैं।

माहिरीन का कहना है कि जहां कई मुल्कों ने जंग के दौरान टैक्स में राहत और सब्सिडी देकर अपनी आवाम को सहारा दिया, पाकिस्तान में उल्टा नज़ारा देखने को मिला। यहां हुकूमत और फ़ौज ने मिलकर आवाम की जेबें खाली कर दीं, जबकि ख़ुद मुनाफ़े की नई बुलंदियों को छू लिया।

इस पूरी सूरत-ए-हाल ने पाकिस्तान की मआशी और समाजी बुनियाद को हिला कर रख दिया है। आवाम के अंदर बेचेनी और मायूसी बढ़ती जा रही है, क्योंकि उन्हें महसूस हो रहा है कि जंग का असल बोझ उन्हीं के कंधों पर डाला जा रहा है, जबकि फ़ायदा सिर्फ़ ताक़तवर इदारों को मिल रहा है।

नज़रिया साफ़ है “पाकिस्तान की फ़ौज मुनाफ़ा कमा रही है, जबकि उसकी आवाम इसकी भारी क़ीमत चुका रही है।”

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