पाकिस्तान की खुली करतूत: मासूम बच्चों को बना रहा दहशतगर्द, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल


पाकिस्तान एक बार फिर बेनक़ाब हो चुका है। अब यह कोई इल्ज़ाम नहीं, बल्कि हक़ीक़त है कि पाकिस्तान की ज़मीन पर सक्रिय आतंकी संगठन मासूम बच्चों को दहशतगर्दी की राह पर धकेल रहे हैं। ताज़ा सामने आई विज़ुअल स्लाइड और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही वीडियो इस सच्चाई को साफ़-साफ़ दिखाती है।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि छोटे-छोटे बच्चों—जिनकी उम्र मुश्किल से 7 से 11 साल के बीच है—को कट्टरपंथ की तालीम दी जा रही है। उनके हाथों में किताबों की जगह हथियार थमाए जा रहे हैं और उनके ज़हन में नफ़रत का ज़हर भरा जा रहा है। यह सब कुछ पाकिस्तान में खुलेआम चल रहा है।

जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे आतंकी संगठन इन बच्चों को टारगेट कर रहे हैं, उन्हें ब्रेनवॉश करके अपने नेटवर्क का हिस्सा बना रहे हैं। यह सिर्फ़ बच्चों का शोषण नहीं, बल्कि आने वाली नस्लों को तबाही की तरफ़ धकेलने की सोची-समझी साज़िश है।

हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान की हुकूमत इस पर या तो खामोश है या आंखें मूंदे बैठी है। सवाल यह उठता है कि कब तक पाकिस्तान अपनी ज़मीन पर पल रहे इन आतंक के अड्डों को पनाह देता रहेगा?

सोशल मीडिया पर यह वीडियो आग की तरह फैल रही है और दुनिया देख रही है कि किस तरह मासूमियत को कुचला जा रहा है। अब वक्त आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी इस पर सख्त रुख अपनाए और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए।

यह सिर्फ़ एक देश का मसला नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए खतरा है—जहां बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूक थमाई जा रही है।

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