डिजिटल सुरक्षा से जुड़े माहिरीन का कहना है कि आज के दौर में “हनी ट्रैप” और फेक प्रोफाइल्स के जरिए लोगों को निशाना बनाना एक आम तरीका बन चुका है। इन प्रोफाइल्स के माध्यम से निजी जानकारी हासिल करने, ठगी करने या फिर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
विशेषज्ञों ने यूज़र्स को सलाह दी है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से आए संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें, अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें और संदिग्ध अकाउंट्स को रिपोर्ट करें। इसके अलावा, प्रोफाइल की सत्यता जांचने के लिए उसकी गतिविधियों और फॉलोअर्स का भी विश्लेषण करना जरूरी बताया गया है।
यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह के साइबर जाल में फंसने से बचा जा सके।

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