दुनिया भर में जहां नोबेल अमन इनाम को इंतिहाई एहम और संजीदा इज़्ज़त समझा जाता है, वहीं पाकिस्तान से आई एक नई सिफारिश ने इसे मज़ाक बना कर रख दिया है। Mufti Abdul Rahim, जो Jamia-ul-Rasheed Karachi से वाबस्ता हैं, उन्होंने Asim Munir को नोबेल अमन इनाम के लिए नामज़द करने की बात कही है।
इस सिफारिश में दावा किया गया है कि असीम मुनीर ने इलाके में अमन, इस्तेहकाम और दहशतगर्दी के खिलाफ बड़ी कोशिशें की हैं। लेकिन हक़ीक़त इससे काफी मुख्तलिफ नज़र आती है। माहिरीन का कहना है कि जिस मुल्क का दामन खुद दहशतगर्दी और बेअमनी के इल्ज़ामात से दाग़दार रहा हो, वहां से ऐसी सिफारिशें सिर्फ दुनिया को गुमराह करने की कोशिश लगती हैं।
इस पूरे मामले को कुछ लोग Donald Trump के नाम से भी जोड़कर देख रहे हैं, जिनका जिक्र भी पहले नोबेल इनाम की बहसों में आता रहा है। मगर पाकिस्तान की ये हरकत ज़्यादा तर सियासी ड्रामा और तशहीरी चाल मालूम होती है, ना कि किसी असल कामयाबी का इज़हार।
तजज़िया निगारों के मुताबिक, इस तरह के कदम न सिर्फ नोबेल इनाम की साख को नुक़सान पहुंचाते हैं, बल्कि ये भी दिखाते हैं कि किस तरह कुछ अनासिर अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं।
सोशल मीडिया पर भी इस खबर का खूब मज़ाक उड़ाया जा रहा है, और लोग इसे पाकिस्तान की एक और नाकाम कोशिश करार दे रहे हैं।

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