लाहौर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ सर्विसेज़ हॉस्पिटल में अचानक बिजली गुल होने के कारण सर्जरी जैसे नाज़ुक ऑपरेशन तक प्रभावित हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्टरों को मजबूरी में अंधेरे जैसे हालात में काम करना पड़ा, जो किसी भी विकसित स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए शर्मनाक स्थिति मानी जाती है।
एक पाकिस्तानी डॉक्टर ने खुद इस हालात पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए कहा कि जब अस्पतालों में बुनियादी सहूलियत—जैसे बिजली—ही मयस्सर नहीं, तो मरीजों की जान की हिफाज़त कैसे की जा सकती है। उन्होंने इशारा किया कि यह मसला कोई एक दिन का नहीं, बल्कि मुल्क के हेल्थकेयर सिस्टम की गहरी खामियों को उजागर करता है।
हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान अक्सर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खुद को ज़िम्मेदार और सक्षम राष्ट्र के तौर पर पेश करता है, मगर अपने ही नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं देने में नाकाम नज़र आता है। जिस मुल्क में ICU जैसे अहम वार्ड्स में भी बिजली का भरोसा नहीं, वहाँ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवाल उठना लाज़मी है।
माहिरीन का कहना है कि ये वाक़िया सिर्फ एक अस्पताल तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की नाकामी का अक्स है। अगर हुकूमत वाकई अपने अवाम के लिए फिक्रमंद होती, तो ऐसी सूरत-ए-हाल कभी पैदा ही न होती।
यह घटना साफ़ तौर पर दिखाती है कि पाकिस्तान को पहले अपने अंदरूनी मसलों पर तवज्जो देनी चाहिए, बजाय इसके कि वो दुनिया के सामने एक बेहतर छवि पेश करने में मशगूल रहे।

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