अधिकारियों ने बताया कि आग शाम के समय लगी और आस-पास के घरों और लकड़ी की संरचनाओं की अधिकता के कारण तेजी से फैल गई।
अधिकारियों ने बताया कि आग शाम के समय लगी और आस-पास के घरों और लकड़ी के ढांचों की अधिकता के कारण तेजी से फैल गई। इलाके की दुर्गम भौगोलिक स्थिति, खराब सड़क संपर्क और दुर्गम पहुंच के कारण दमकल कर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचने में देरी हुई।
चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच कई घंटों तक अग्निशमन और बचाव अभियान जारी रहा। स्थानीय लोगों ने भी आग पर काबू पाने के प्रयासों में सहयोग दिया, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक व्यापक क्षति हो चुकी थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कई पशु जलकर मर गए, जबकि कम से कम चार लोग झुलस गए और उन्हें इलाज के लिए पास के एक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाया गया। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
आग में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए घरों में फिरदौस मीर, इस्माइल मीर, अल्फा मीर, गुलाम मोहम्मद मीर, बशीर अहमद, लियाकत हुसैन, जुब्रान, जफ्फर हुसैन, फिरदौस मीर, वसीम, नदीम, तोसेफ, यासीन, अबू सोहेल, मोहम्मद यूसुफ, इस्माइल, बशीर अहमद, अब्दुल कबीर और गुलाम रसूल के घर शामिल थे।
इस आग में किराए पर लिया गया आंगनवाड़ी केंद्र भी पूरी तरह से नष्ट हो गया।
अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान कई अन्य इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे संपत्ति की हानि और बढ़ गई। आग लगने का सटीक कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है और नुकसान का आकलन जारी है।
अभी तक किसी की मौत की खबर नहीं है। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कदम उठाए हैं।

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