राजौरी : स्प्रिंग में कीटनाशक पाए जाने की पुष्टि, सील किया गया

पिछले कुछ हफ्तों में गांव में रहस्यमय बीमारी के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है

श्रीनगर, 20 जनवरी : राजौरी जिला प्रशासन ने राजौरी जिले के बुधल गांव के झरने (बावली) को तत्काल सील करने का आदेश दिया है, क्योंकि इसके पानी के नमूनों में कुछ कीटनाशकों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।

जिला प्रशासन ने संबंधित पुलिस थानों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे झरने पर चौबीस घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात करें, ताकि झरने के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद हो जाए। प्रशासन को आशंका है कि गांव की आदिवासी आबादी चोरी-छिपे झरने से पानी भर सकती है।

"जबकि, गांव बदहाल के झरने (बावली) से लिए गए पानी के नमूनों में कुछ कीटनाशक/कीटनाशक पाए गए हैं। उक्त बावली को पीएचई (जल शक्ति) डिवीजन राजौरी द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है और संबंधित मजिस्ट्रेट द्वारा सील कर दिया गया है। ऐसी आशंका है कि गांव की आदिवासी आबादी चुपके से इस झरने के बहते पानी को इकट्ठा कर सकती है," कोटरंका के अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, जिसकी एक प्रति ग्रेटर कश्मीर के पास है।

"इसलिए, तहसीलदार खवास यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी मामले में कोई भी ग्रामीण इस झरने के पानी का उपयोग न करे। एसएचओ पुलिस स्टेशन कंडी को इस बावली में चौबीसों घंटे 02 से 03 सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया जाता है ताकि उक्त झरने/बावली के पानी का उपयोग पूरी तरह से रोका जा सके" आदेश में आगे लिखा है।

राजौरी जिले के बुधल गांव में पिछले कुछ हफ्तों से रहस्यमय बीमारी के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है।

केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गृह मंत्रालय (एमएचए) के नेतृत्व में एक अंतर-मंत्रालयी टीम के गठन का आदेश दिया, जो पिछले छह हफ्तों में 3 घटनाओं में मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए जम्मू तथा कश्मीर में राजौरी के बधाल गांव का दौरा करेगी।

टीम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा जल संसाधन मंत्रालय के विशेषज्ञ शामिल होंगे।

इसमें पशुपालन, खाद्य सुरक्षा और फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के विशेषज्ञों की भी सहायता ली जाएगी।

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