नगरोटा के अरुण शर्मा ने सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी हरप्रीत सिंह ने कथित तौर पर रक्षा मंत्रालय और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में नौकरी चाहने वाले व्यक्तियों को धोखा देने के लिए खुद को लेफ्टिनेंट कर्नल बताया था।
उन्होंने बताया कि नगरोटा के अरुण शर्मा ने सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी तथा करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद और नगरोटा पुलिस थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज प्राथमिकी के बाद यह पाया गया कि आरोपियों को पीड़ितों से बड़ी रकम मिली थी।
उन्होंने बताया कि सिंह ने धोखाधड़ी से प्राप्त धन का एक बड़ा हिस्सा बाहु तहसील के चन्नी बीजा में एक संपत्ति खरीदने में निवेश किया था, जिसकी कीमत 2.22 करोड़ रुपये से अधिक है।
संपत्ति की कुर्की के लिए जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि 18 जनवरी को अदालत ने संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया, जिसे बाहु तहसीलदार की देखरेख में निष्पादित किया गया।
अदालत ने सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर 14 दिन का समय दिया है, जिसमें उन्हें यह बताने के लिए कहा गया है कि क्यों न कुर्क की गई संपत्ति, जिसे अपराध की आय से खरीदा गया माना जाता है, को प्रभावित पीड़ितों के लाभ के लिए नीलाम कर दिया जाए।

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