केंद्र-लद्दाख वार्ता : लद्दाखियों के लिए 95% नौकरियां आरक्षित होंगी, महिलाओं को हिल काउंसिल में 33% आरक्षण मिलेगा

भोटी, उर्दू को आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता दी जाएगी


श्रीनगर, 04 दिसंबर : लद्दाख के नेतृत्व तथा भारत सरकार के बीच मंगलवार को हुई वार्ता में नौकरी में आरक्षण, लेह और कारगिल के लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदों में महिलाओं के लिए राजनीतिक आरक्षण और केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा के रूप में भोटी तथा उर्दू भाषाओं को मान्यता देने पर सहमति बनी।

समाचार एजेंसी-कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर (केएनओ) से बात करते हुए पूर्व मंत्री तथा एपेक्स बॉडी लेह के वरिष्ठ नेता चेरिंग दोरजे ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति के अनुसार सरकारी क्षेत्र में 95 प्रतिशत नौकरियां लद्दाखियों के लिए आरक्षित होंगी।

उन्होंने कहा, "चिकित्सकों और इंजीनियरों के रिक्त पदों को तुरंत संघ लोक सेवा आयोग को भेजा जाएगा"

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भोटी तथा  उर्दू को संघ शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता देने पर सहमति व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि लेह और कारगिल की लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण होगा।

प्रत्येक हिल में 30 सदस्य हैं, जिनमें से 26 सीधे तथा शेष चार धार्मिक अल्पसंख्यकों तथा महिलाओं द्वारा सरकार द्वारा मनोनीत किये जाते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची जैसी प्रमुख मांगों पर चर्चा के लिए अगले दौर की वार्ता 16 जनवरी को होगी।

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