23 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में गोलीबारी की खबर मिली थी, जबकि 27 जुलाई को माछिल सेक्टर में BAT की कार्रवाई की खबर मिली थी।
मुठभेड़ों में उत्तरी कश्मीर क्षेत्र में घुसपैठ की आठ कोशिशें शामिल थीं। भले ही पहले तीन महीने शांत रहे हों, लेकिन घुसपैठ की पहली कोशिश 5 अप्रैल 2024 को उत्तरी कश्मीर के बारामुल्ला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हुई थी। इसके बाद 26 अप्रैल को बारामुल्ला जिले के सोपोर कस्बे में गोलीबारी की खबर आई।
एक महीने से ज़्यादा समय तक कुछ समय के लिए शांति रही और 19 जून 2024 को बारामुल्ला के राफ़ियाबाद इलाके में गोलीबारी की सूचना मिली। दो दिनों के अंतराल के बाद 22 जून को उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की सूचना मिली जबकि 27 जून को कुपवाड़ा जिले में एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ। जुलाई महीने में नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों और ऑपरेशनों में वृद्धि हुई।
23 जुलाई को कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र में गोलीबारी की खबर मिली थी, जबकि 27 जुलाई को माछिल सेक्टर में BAT की कार्रवाई की खबर मिली थी।
अगस्त और सितम्बर माह में सोपोर तथा कुपवाड़ा में दो ऑपरेशन किए गए, जबकि 13 सितम्बर को बारामूला के तप्पर क्षेत्र में गोलीबारी की खबर मिली।
24 अक्टूबर को बारामुल्ला जिले के गुलमर्ग के बोटापथरी में बड़ा हमला हुआ।
नवंबर के पहले नौ दिनों में उत्तरी कश्मीर में चलाए गए विभिन्न अभियानों में लगभग पांच आतंकवादी मारे गए।
दिसंबर महीना शांतिपूर्ण रहा और उत्तरी कश्मीर क्षेत्र में किसी आतंकवादी गतिविधि की खबर नहीं आई।

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