एक छोटे से युद्ध में आधा कश्मीर कैसे चला गया, यह मेरी समझ में नहीं आता : प्रधानमंत्री


जम्मू, 29 मई: कल (28 मई) को एक हिंदी न्यूज़ चैनल को दिए गए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर (पीओजेके) का जिक्र करते हुए कहा कि वह अभी भी यह समझने में असफल हैं कि आजादी के बाद एक छोटे से युद्ध में एक बड़े देश के हाथों से आधा कश्मीर कैसे चला गया।

देश का बंटवारा हुआ, क्या मजबूरियां थीं, कौन जिम्मेदार था, लेकिन बंटवारे के बाद एक छोटा-सा युद्ध हुआ और आधा कश्मीर चला गया।

प्रधानमंत्री ने कहा, 'इतना बड़ा देश, क्या सोच थी? हमारे देश में क्या कमी थी? यह मेरे दिमाग में नहीं आता।'

हालांकि उन्होंने उस समय प्रधानमंत्री रहे जवाहर लाल नेहरू का नाम नहीं लिया। पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर मौजूदा संसदीय चुनाव में बड़ा मुद्दा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि पाक कब्जे वाला कश्मीर हमारा है और हम इसे लेकर रहेंगे। राजनाथ ने यह भी कहा है कि पीओजेके के लोग खुद ही अपने क्षेत्र को जम्मू -कश्मीर में मिलाने की मांग कर रहे है।

मोदी ने कहा कि कश्मीर घाटी में मतदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने दुनिया के साथ-साथ उन लोगों को भी स्पष्ट संदेश दिया है, जिन्हें संदेह था। मेरे लिए यह बहुत संतोष की बात है कि कश्मीर के भाई-बहन बड़े उत्साह के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए आगे आए।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘बड़ी संख्या में मतदान करके कश्मीर के लोगों ने दुनिया को और उन लोगों को संदेश दिया है, जो पहले संदेह करते थे।’’ 40 साल का मतदान रिकॉर्ड टूट गया है। जब वहां आम आदमी वोट करता है, तो वह सिर्फ किसी को जिताने के लिए नहीं होता है, मतदान का मतलब है कि मतदाता भारत के संविधान को स्वीकार करता है तथा भारत की संपूर्ण भावना के प्रति अपना समर्पण व्यक्त करता है।’’

उल्लेखनीय है कि कश्मीर के तीनों संसदीय क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत ने तीन से चार दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है तथा लोग बड़ी संख्या में वोट डालने के लिए निकले हैं। केंद्र शासित प्रदेश  जम्मू -कश्मीर और लद्दाख की सभी छह लोकसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है।

पूर्ववर्ती  जम्मू -कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 न तो कश्मीर के लोगों का एजेंडा था और न ही देश का। यह केवल ‘‘चार-पांच परिवारों’’ का एजेंडा था।

उन्होंने कहा, "अब जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने से एकता की भावना बढ़ी है। अपनेपन की भावना भी बढ़ रही है और इसका नतीजा चुनावों और केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन में वृद्धि के रूप में दिख रहा है।"

मोदी ने बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान कश्मीर के लोगों ने प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

उन्होंने कहा कि सरकार के फैसले हमेशा अच्छे उद्देश्य के लिए होते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, "कभी-कभी मुझे इंटरनेट बंद करना पड़ता था। कुछ एनजीओ कोर्ट चले गए और कोर्ट में यह बड़ा मुद्दा बन गया, लेकिन आज वहां के बच्चे गर्व से कहते हैं कि पिछले 5 साल से इंटरनेट बंद नहीं हुआ है और हमें सारी सुविधाएं मिल रही हैं। कुछ दिनों के लिए थोड़ी तकलीफ जरूर हुई, लेकिन यह अच्छे काम के लिए था।"

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