श्रीनगर 18 अप्रैल : दक्षिणकश्मीर में 1600 से अधिक लड़कियां उद्यमिता के माध्यम से अपना भविष्य को नया आकार दे रही हैं। जिससे पता लगता है की कश्मीर में लचीलेपन तथा इच्छा शक्ति का सच्चा प्रमाण है।

पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुए विभिन्न कौशल-प्रशिक्षण केंद्रों तथा भारतीयसेना के निरंतर समर्थन ने उन्हें बाधाओं को तोड़ने तथा राष्ट्रनिर्माण में योगदान देने के लिए सशक्त बनाया है।

2020 में शुरु हुए ई एस डी सी प्रोग्राम के तहत 17000 से अधिक गरीब महिलाओ ने  वूमेन एंपॉवरमेंट के तहत इसका लाभ उठाया है, जो कश्मीर की बदलती स्थति का प्रतीक है।

कश्मीर की महिलायें खुले आसमान के निचे कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती है तथा कश्मीर की अर्थव्यवस्था मे अपनी हिस्सेदारी रेखांकित कराना चाहती है।