इसके बाद एक औपचारिक शिकायत पर थाना नौशेरा में एफआईआर संख्या 36/2024 यू/एस 8/21/23 एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
समाचार एजेंसी कश्मीर स्क्रॉल को जारी बयान के अनुसार, इस नार्को तस्करी की कोशिश को मकरी गांव में नाकाम कर दिया गया है, जो पुलिस स्टेशन नौशेरा के पुलिस पोस्ट भवानी के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में आता है।
पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि 10 अप्रैल की शाम को मकरी गांव के एक वीडीसी सदस्य ने चार लोगों को एक बैग लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखा, जिसके बाद उसने शोर मचाया। गांव के अन्य लोग वहां पहुंचे और हाथापाई हुई, जिसके बाद उन्होंने हेरोइन जैसे पदार्थ से भरा एक बैग पकड़ लिया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि संदिग्धों की पहचान नवीन कुमार पुत्र मोती राम, सुखविंदर पुत्र बाबू राम, दविंदर उर्फ मुन्ना पुत्र राजेश कुमार और शुभम पुत्र बाबू राम के रूप में हुई है, जो सभी गांव मकरी के निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों द्वारा फोन पर मामले की सूचना मिलने के बाद प्रभारी पीपी भवानी के नेतृत्व में पुलिस टीम सेना के साथ मौके पर पहुंची और हेरोइन जैसे पदार्थ से भरा बैग बरामद किया, जिसका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम था, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया।
इसके बाद एक औपचारिक शिकायत पर थाना नौशेरा में एफआईआर संख्या 36/2024 यू/एस 8/21/23 एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि मामले में आगे की कार्यवाही करते हुए पुलिस टीमों ने इस मामले में वांछित चार आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।
तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार चौथे आरोपी की तलाश राजौरी पुलिस और सेना द्वारा संयुक्त रूप से शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर ग्रामीणों का यह साहसिक कार्य न केवल उनकी बहादुरी बल्कि उनकी देशभक्ति की भावना को भी दर्शाता है। इसके साथ ही, नियंत्रण रेखा के पार मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया है।
पुलिस ने बताया कि पुलिस टीम अब मामले की सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें आगे और पीछे के संबंधों की जांच भी शामिल है।

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