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ओजीडब्ल्यू की पहचान कमरुद्दीन के रूप में हुई है, जो एक प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को कमरुद्दीन के ओजीडब्ल्यू बनने के बारे में विशेष जानकारी मिली तथा उसके घर की तलाशी ली गई। उसे एक पिस्तौल और दो हथगोले के साथ गिरफ्तार किया गया।
यह गिरफ्तारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 7 मई को संसदीय चुनाव के तीसरे चरण में अनंतनाग के साथ-साथ राजौरी और पुंछ के दो सीमावर्ती जिलों में भी मतदान होना है।
शिक्षक से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके घर पर पिस्तौल और हथगोले रखने के पीछे उसका क्या मकसद था, साथ ही आपूर्ति का स्रोत तथा वह आतंकवादी जिन्हें उसे यह खेप सौंपनी थी। अधिकारियों ने कहा कि इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि शिक्षक ने खुद ही इस खेप का इस्तेमाल किया हो।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान अभी जारी है और विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।
इस बीच, सेना की सहायता से पुलिस ने आज सुबह मेंढर सेक्टर के कलाबन टॉप पथनातीर की घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया।
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने राजौरी जिले के थन्नामंडी इलाके के अजमताबाद गांव में एक आतंकवादी ठिकाने का भी भंडाफोड़ किया, जिसमें आठ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), दो वायरलेस सेट और कुछ गोला-बारूद बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया
कि बरामद सामग्री काफी जंग लगी हुई हालत में थी, जो दर्शाता है कि ठिकाने का इस्तेमाल तब किया जा रहा था जब आतंकवादी दो दशक पहले जिले को आतंकवाद का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सेना की सहायता से पुलिस ने राजौरी शहर से 30 किलोमीटर दूर थन्नामंडी इलाके के अजमताबाद गांव में तलाशी अभियान चलाया एके-47 राइफल की तीन मैगजीन, 102 राउंड गोला-बारूद, एक चार्जर तथा दो वायरलेस सेट अन्य जब्त सामान हैं।
सुरक्षा बल इलाके में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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